KOTA Cares Initiative: कोटा में स्टूडेंट वेलफेयर रिफॉर्म्स के लिए 'कोटा केयर्स' पहल शुरू, जानें इसके फायदे
Saurabh Pandey | February 24, 2025 | 07:28 PM IST | 2 mins read
शहर के छात्रावास संघों की ओर से बोलते हुए नेता विश्वनाथ शर्मा, सुनील अग्रवाल और नवीन मित्तल ने कहा कि ये सुधार छात्र कल्याण के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। हम सिर्फ आवास उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, हम घर से दूर घर बना रहे हैं जहां छात्र आगे बढ़ सकें।
नई दिल्ली : कोटा जिला प्रशासन ने 'कोटा केयर्स' पहल के तहत स्टूडेंट वेलफेयर रिफार्म्स की घोषणा की है, जिसमें कोचिंग छात्रों की सुविधा का ध्यान रखा गया है। इन सुधारों में छात्र आवास, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सहायता प्रणालियों में व्यापक बदलाव पेश करते हैं, जो देश भर में शैक्षिक शहरों के लिए नए मानक स्थापित करते हैं।
शहर के छात्रावास संघों की ओर से बोलते हुए नेता विश्वनाथ शर्मा, सुनील अग्रवाल और नवीन मित्तल ने कहा कि ये सुधार छात्र कल्याण के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। हम सिर्फ आवास उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, हम घर से दूर घर बना रहे हैं जहां छात्र आगे बढ़ सकें। कोटा में सालाना 1.25 लाख से अधिक छात्र अपने सपनों को पूरा करने आते हैं।
जिला प्रशासन और विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग के माध्यम से विकसित किए गए सुधारों में अपनी तरह की पहली सामूहिक पहल शामिल हैं-
KOTA Cares Initiative: आवास और वित्तीय सहायता-
- 4,000 छात्रावासों में सुरक्षा और कॉशन मनी नहीं जमा करना होगा।
- 2,000 रुपये की वार्षिक सीमा के साथ मेंटेनेंस शुल्क
- सभी लेनदेन के लिए अनिवार्य रसीदों के साथ भुगतान प्रणाली
- छुट्टी लेने और कमरे में बदलाव के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
KOTA Cares Initiative: सेफ्टी एंड सिक्योरिटी
- सभी छात्रावास कर्मचारियों के लिए अनिवार्य गेटकीपर ट्रेनिंग
- सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सिस्टम सहित मॉर्डन सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना
- महिला वार्डन सहित महिला छात्रावासों के लिए विशेष प्रावधान
- अनिवार्य एंटी-हैंगिंग डिवाइस प्रमाणपत्र और फायर एनओसी
- रेगुलर नाइट अटेंडेंट के माध्यम से नियमित रूम विजिट
KOTA Cares Initiative: छात्र कल्याण पहल
- चंबल रिवरफ्रंट और ऑक्सीजन जोन तक फ्री एक्सेस
- सभी छात्रावासों में समर्पित मनोरंजन क्षेत्र
- मिड टर्म वेकेशन फूड सर्विसेस
- आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं
KOTA Cares Initiative: सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
- रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर कोटा केयर हेल्प डेस्क
- छात्र सहायता केंद्रों का शहर-व्यापी नेटवर्क
- छात्र सहायता के लिए समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली
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बता दें कि पिछले वर्ष कोटा में कई छात्रों ने आत्महत्या की थी, जिससे केंद्र और राजस्थान सरकार को छात्र कल्याण प्रणालियों को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया था। हाल ही में नीट के एक अभ्यर्थी को कोटा के एक पीजी में लटका हुआ पाया गया, जो 2025 में 7वीं कोचिंग छात्र की मौत है।
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