Jharkhand Protest: जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने से 2,000 लोगों को नौकरी जाने का डर, एक और विरोध-प्रदर्शन शुरू
Press Trust of India | August 18, 2026 | 05:21 PM IST | 2 mins read
राज्य सरकार ने वर्ष 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के ऐलान के बाद कम से कम 2,000 लोगों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। इन लोगों को डर है कि परीक्षा पास करने के बाद मिली सरकारी नौकरी वे खो देंगे। मंगलवार को झारखंड सचिवालय के बाहर धरना देने वाले सफल उम्मीदवारों में से एक ने कहा, "हमें बताएं कि हमारी क्या गलती है; हमें नौकरी से न निकालें।" उम्मीदवार अपनी बात निष्पक्ष रूप से रखने का मौका मांग रहे हैं।
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के लगातार विरोध के बीच राज्य सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने की घोषणा की।
Jharkhand Protest: सफल अभ्यर्थियों को नौकरियां खोने का डर
वर्ष 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया है। यह फैसला परीक्षा में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में से एक था।
लेकिन अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के सामने एक नई चिंता खड़ी हो गई है, क्योंकि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों को अपनी नौकरियां खोने का डर सता रहा है।
उनका कहना है कि वे गड़बड़ियों की जांच के खिलाफ नहीं हैं और उन्हें भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। सफल अभ्यर्थी भी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सफल अभ्यर्थी कानूनी रास्ता अपना सकते हैं।
JSSC CGL Cancellation: भूख हड़ताल व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने कहा कि पार्टी सफल अभ्यथियों के प्रति सहानुभूति रखती है। हालांकि, नई रिक्तियों में अवसर देने के सरकार के आश्वासन से भी उम्मीदवारों की चिंता कम नहीं हुई, क्योंकि कई अभ्यर्थी अब अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं।
कुछ ने भूख हड़ताल और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। एक उम्मीदवार ने कहा, ''परीक्षा रद्द मत कीजिए। इसकी जांच कीजिए। सीबीआई जांच कराइए या जो भी जांच आपको उचित लगे, कराइए, लेकिन हमारे साथ अन्याय मत कीजिए।''
सोमवार रात इन सफल अभ्यर्थियों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने की कोशिश की, लेकिन वे उनसे मुलाकात नहीं कर सके। उस समय सोरेन अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ लंबी बैठक कर रहे थे।
Jharkhand Protest: उम्मीदवारों ने लगाया सरकार पर आरोप
उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि फैसला लेने से पहले सफल अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की जांच और अदालत में भी इसकी समीक्षा हो चुकी है।
दिसंबर में दिए गए फैसले में उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के अनुरोध को खारिज करते हुए कहा था कि मौजूदा एसआईटी की जांच पर्याप्त है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार गलत तरीके से नौकरी हासिल करने वाले पर कार्यवाही करे।
सरकार ने भर्ती व्यवस्था में लोगों का विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से परीक्षाएं रद्द करने के अपने फैसले का बचाव किया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सफल अभ्यर्थी कानूनी उपाय अपना सकते हैं।
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