JEE Main Exam Analysis 2026: जेईई मेन 21 जनवरी शिफ्ट 1 एनालिसिस, परीक्षा का कठिनाई स्तर मध्यम से कठिन रहा
Abhay Pratap Singh | January 21, 2026 | 01:49 PM IST | 2 mins read
जेईई मेन 21 जनवरी शिफ्ट 1 एग्जाम एनालिसिस 2026 में गणित और रसायन विज्ञान की तुलना में फिजिक्स आसान रही।
नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से संयुक्त प्रवेश परीक्षा - मुख्य (JEE Main) 2026 परीक्षा के लिए 21 जनवरी शिफ्ट 1 का पेपर सफलतापूर्वक समाप्त करा लिया गया है। जेईई मेन एग्जाम एनालिसिस 2026 के अनुसार, परीक्षा कुल मिलाकर मध्यम से कठिन स्तर की रही। वहीं, पिछले वर्ष के जेईई मेन 2025 की तुलना में प्रश्नपत्र का लेवल मध्यम था।
जेईई मेन 2026 परीक्षा में गणित, रसायन विज्ञान और भौतिकी सेक्शन से प्रश्न पूछे गए। जेईई मेन 21 जनवरी शिफ्ट 1 एनालिसिस में मैथमेटिक्स और केमिस्ट्री की तुलना में फिजिक्स आसान रही, जबकि इस बार केमिस्ट्री अपेक्षाकृत लंबी थी। 21 जनवरी की मॉर्निंग शिफ्ट में आयोजित जेईई मेन परीक्षा में कठिनाई स्तर का क्रम केमिस्ट्री > मैथ्स > फिजिक्स रहा।
JEE Main January 21 Shift 1 Analysis 2026: विषयवार एनालिसिस
उम्मीदवार जेईई मेन जनवरी 21 शिफ्ट 1 एनालिसिस 2026 की जांच विषयवार कर सकते हैं:
Chemistry Analysis: रसायन विज्ञान सेक्शन
केमिस्ट्री पेपर गणित से कठिन और फिजिक्स की तुलना में अपेक्षाकृत ज्यादा चुनौतीपूर्ण रही। पिछले वर्ष की जेईई मेन परीक्षा की तुलना में इस बार केमिस्ट्री का स्तर अधिक कठिन रहा। केमिस्ट्री पेपर अधिक समय लेने वाला लगा। छात्रों को केमिस्ट्री सेक्शन हल करने में लगभग 60–70 मिनट का समय लगा।
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Physics Analysis: भौतिकी सेक्शन
जेईई मेन सेशन 1 जनवरी 2026 में 21 जनवरी की मॉर्निंग शिफ्ट में फिजिक्स सेक्शन का समग्र कठिनाई स्तर आसान से मध्यम रहा। फिजिक्स का पेपर मैथ्स की तुलना में आसान था, जबकि केमिस्ट्री की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। यह पेपर पिछले साल के जेईई मेन की तुलना में आसान रहा। जिन छात्रों ने सही तरीके से रिवीजन किया था, उनके लिए पेपर सरल था, क्योंकि अधिकांश प्रश्न सूत्र-आधारित थे।
Maths Analysis: गणित सेक्शन
गणित पेपर का समग्र कठिनाई स्तर मध्यम रहा। फिजिक्स और केमिस्ट्री की तुलना में गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत कम लंबे थे, लेकिन गणना पर अधिक आधारित थे। अधिकतर प्रश्नों में समय प्रबंधन और तेज व सटीक गणना क्षमता की आवश्यकता थी।
जेईई मेन ट्रेंड की तुलना में, इस शिफ्ट में गणित का स्तर ज्यादा कठिन नहीं था, हालांकि विस्तृत गणनाओं और बहु-चरणीय हल के कारण इसे समय लेने वाला माना गया। पिछले वर्ष की तुलना में गणित आसान रहा। अच्छे अंक लाने के लिए छात्रों को स्पष्ट अवधारणात्मक समझ के साथ गति और सटीकता की जरूरत थी।
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