IIT Kharagpur News: आईआईटी खड़गपुर आत्महत्या रोकने के लिए हॉस्टल में छोटे पंखे लगाने पर विचार कर रहा
Press Trust of India | August 1, 2025 | 09:30 AM IST | 1 min read
निदेशक ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘लगभग 16 हजार छात्रों वाले सभी 21 छात्रावासों में हम चरणबद्ध तरीके से छोटे पंखे लगाने पर विचार कर रहे हैं।"
कोलकाता: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर भावनात्मक रूप से परेशान छात्रों को किसी भी तरह के आत्मघाती कदम से रोकने के मकसद से छात्रावास के कमरों में छोटे पंखे लगाने पर विचार कर रहा है। संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस वर्ष परिसर में छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
संस्थान के निदेशक ने कहा, ‘‘परिसर में छात्रों से 24 घंटे संपर्क बनाए रखने, छात्रावास में रहने वाले छात्रों के माता-पिता से हर दूसरे महीने बातचीत करने, ‘कैंपस मदर्स’ कार्यक्रम और स्थायी मनोचिकित्सक की नियुक्ति जैसे कदम उठा रहे हैं।"
इसके अलावा उन्होंने आगे कहा, "हम पंखों का आकार छोटा कर रहे हैं ताकि उनका दुरुपयोग न हो। यह मानसिक समस्याओं का समाधान नहीं है, लेकिन अकेले होने पर अचानक आने वाले विचारों से बचने में मदद कर सकता है।"
निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘लगभग 16 हजार छात्रों वाले सभी 21 छात्रावासों में हम चरणबद्ध तरीके से छोटे पंखे लगाने पर विचार कर रहे हैं। इसलिए तत्काल कोई समय-सीमा नहीं बता सकते।’’
इस बीच बीटेक छात्र रितम मंडल की मौत के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए संस्थान द्वारा 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल का गठन किया गया है। रितम ने 18 जुलाई को अपने कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार