JMI: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रोफेसर मुन्ना खान के इनवेंशन को भारत सरकार ने दिया पेटेंट
Saurabh Pandey | August 20, 2024 | 05:02 PM IST | 2 mins read
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अग्रणी अन्वेषक प्रो मुन्ना खान को दिया गया यह छठा पेटेंट है। यह पेटेंट प्रो मुन्ना खान एवं उनकी टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया में विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. मुन्ना खान तथा उनकी टीम को भारत सरकार द्वारा उनके आविष्कार "सामग्री के विश्लेषणात्मक लक्षण एवं पहचान के लिए विधि और उपकरण" के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवा उद्योग के लिए विशेष रूप से अधिक उपयोगी होगा। विकसित चिकित्सा उपकरण ठोस, द्रव एवं पाउडर के रूप में पदार्थों की शुद्धता की जांच कर सकता है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कार्यवाहक कुलपति प्रो मोहम्मद शकील ने प्रो मुन्ना खान को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
टीम में शामिल सदस्य
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अग्रणी अन्वेषक प्रो मुन्ना खान को दिया गया यह छठा पेटेंट है। यह पेटेंट प्रो मुन्ना खान एवं उनकी टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, जिसमें डॉ. काशिफ आई.के. शेरवानी, डॉ. मोहम्मद कैसर रजा, डॉ. शैला पी.एस.एम.ए. सिरदेशमुख एवं डॉ. अशोक कुमार सलहान, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा डॉ. अशोक कुमार सलहान, वैज्ञानिक जी, रक्षा संस्थान फिजियोलॉजी और विज्ञान (डीआईपीएएस), डीआरडीओ, भारत सरकार से सेवानिवृत्त शामिल हैं।
पेटेंट में चार अवस्थाओं जैसे ठोस, तरल, द्रव और पाउडर में सामग्रियों के विश्लेषणात्मक लक्षण वर्णन एवं पहचान के लिए उपयोग किए जाने वाले आविष्कार को शामिल किया गया है। इस विधि में ध्वनिक अनुनाद असेंबली का उपयोग करके प्रत्येक पहचानी गई सामग्री में जबरन कंपन उत्पन्न करना तथा फिर ध्वनिक संकेतों को रिकॉर्ड करना शामिल है।
ध्वनिक अनुनाद असेंबली एक वी-आकार की ठोस क्वार्ट्ज पट्टी द्वारा बनाई गई है, जिसमें दो संलग्न पीजोइलेक्ट्रिक ट्रांसड्यूसर, सिग्नल जनरेटर, प्रीएम्पलीफायर, सिग्नल प्री-प्रोसेसिंग यूनिट तथा डेटा विश्लेषण एवं वर्गीकरण इकाई है। रिकॉर्ड किए गए संकेतों के स्पेक्ट्रम से विशिष्ट अनुनाद विशेषताओं को निकाला जाता है तथा सामग्रियों के लिए विश्लेषणात्मक लक्षण वर्णन के आधार पर शुद्धता की जांच करने के लिए उपयोग किया जाता है।
Also read UGC NET 2024 Exam Guidelines: यूजीसी नेट परीक्षा कल से शुरू, एनटीए की इन गाइडलाइंस का करना होगा पालन
प्रो. मुन्ना खान को पहले प्रदान किए गए पेटेंट आप नीचे देख सकते हैं-
- पेटेंट संख्या 534483 23 अप्रैल 2024 को “घाव भरने के लिए उपकरण एवं विधि”नामक आविष्कार के लिए दिया गया।
- पेटेंट संख्या 531804 4 अप्रैल 2024 को “आसन और संतुलन हेतु चिकित्सीय उपकरण” नामक आविष्कार के लिए प्रदान किया गया।
- पेटेंट संख्या 514990 26 फरवरी 2024 को “मैस्टिकेटरी मांसपेशियों के लिए बल माप प्रणाली” नामक आविष्कार के लिए प्रदान किया गया।
- पेटेंट संख्या 490588 28 दिसंबर 2023 को “पोर्टेबल कॉटन बॉल प्लकिंग डिवाइस” नामक आविष्कार के लिए प्रदान किया गया।
- इम्पीडेंस एनालाइजर-सीपी 25 के संबंध में वर्ग 24-1 में पंजीकरण करके 31 जुलाई 2021 के डिजाइन संख्या 347066-001 के प्रमाणन के साथ 20 जनवरी 2023 को पेटेंट प्रदान किया गया।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच