नीट मुद्दों और युवाओं की चिंताओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध, कांग्रेस कर रही राजनीति - धर्मेंद्र प्रधान

Press Trust of India | July 22, 2026 | 08:40 AM IST | 2 mins read

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, हमें अपने छात्रों को सिर्फ नाराजगी ही नहीं, बल्कि जवाब, सुधार और जवाबदेही भी देनी है। हमारी सरकार ठीक यही करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के छात्र “किसी राजनीतिक अभियान के मोहरे” की तरह इस्तेमाल किये जाने से कहीं बेहतर व्यवहार के हकदार हैं। (इमेज-एक्स/धर्मेंद्र प्रधान)

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि सरकार नीट से जुड़े मुद्दों और युवाओं की हर जायज चिंता के समाधान पर संसद में चर्चा करने को प्रतिबद्ध है। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर धरना देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष संसद के मानसून सत्र के दौरान व्यवधान पैदा करने के लिए छात्रों को “राजनीतिक हथियार” के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के छात्र “किसी राजनीतिक अभियान के मोहरे” की तरह इस्तेमाल किये जाने से कहीं बेहतर व्यवहार के हकदार हैं। इससे पहले दिन में, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस संसद के मॉनसून सत्र के दौरान व्यवधान पैदा करने के लिए छात्रों को बेशर्मी से राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना देने का फैसला किया, जिससे आम जनता को परेशानी हुई और सुरक्षा के तय नियमों की अनदेखी की गई।”

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उन्होंने कहा, “सरकार की ओर से विस्तृत चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहने के बाद भी, कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक तमाशा खड़ा करने का विकल्प चुना। उनका मकसद कभी भी छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं रहा है, बल्कि राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए हंगामा करना है। राहुल गांधी के लिए यह मामला छात्रों से जुड़ा नहीं है। यह मामला चर्चा के सभी सही रास्ते खुलने के बाद भी टकराव की स्थिति पैदा करने का है।”

प्रधान ने कहा, “हमें अपने छात्रों को सिर्फ नाराजगी ही नहीं, बल्कि जवाब, सुधार और जवाबदेही भी देनी है। हमारी सरकार ठीक यही करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, “हमारी सरकार नीट पर चर्चा करने और सदन में युवाओं की हर जायज चिंता का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत के छात्र राजनीतिक अभियान में महज मोहरे की तरह इस्तेमाल किए जाने के बजाय कहीं बेहतर व्यवहार के हकदार हैं। वे अफरातफरी के बजाय निश्चितता, नारों के बजाय समाधान और व्यवधान के बजाय ज़िम्मेदारी के हकदार हैं।”

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