दिल्ली के सभी स्कूलों में होंगे 'गुड और बैड टच' सेशन, सीएम रेखा गुप्ता ने किया POCSO जागरूकता अभियान का एलान
Press Trust of India | July 10, 2026 | 12:00 PM IST | 2 mins read
दिल्ली सरकार इस जुलाई में सभी 5,633 स्कूलों में पॉक्सो जागरूकता अभियान के तहत 'गुड टच और बैड टच' सेशन आयोजित करने जा रही है, जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपनी होगी।
नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को घोषणा की है कि पॉक्सो (POCSO) जागरूकता अभियान के तहत राजधानी के सभी स्कूलों में बच्चों को शिक्षित करने के लिए 'गुड टच और बैड टच' सेशन आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का पॉक्सो जागरूकता महीना केवल एक साधारण अभियान नहीं है, बल्कि इस जुलाई में दिल्ली के हर स्कूल को 'गुड टच और बैड टच' जागरूकता सत्र आयोजित करने होंगे, अनिवार्य बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने होंगे और 15 दिनों के भीतर इसकी अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बयान में बताया कि माता-पिता, शिक्षकों, दिल्ली पुलिस, जिलाधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह बाल संरक्षण के लिए एक शहर-व्यापी आंदोलन बन चुका है। इस महीने भर चलने वाले अभियान का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में बाल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा उपाय स्कूल प्रणालियों का एक स्थायी हिस्सा बन जाएं।
इस पहल के तहत जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियां (Child Protection Committees) गठित की जाएंगी। इसके साथ ही शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को पॉक्सो अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
5,600 से अधिक स्कूलों के लिए सेफ्टी चेकलिस्ट लागू
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) और पॉक्सो अधिनियम के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई एक व्यापक छात्र सुरक्षा चेकलिस्ट को सभी स्कूलों में लागू किया जा रहा है।
यह चेकलिस्ट दिल्ली के कुल 5,633 स्कूलों को कवर करती है, जिसमें दिल्ली सरकार के 1,077 स्कूल, 198 सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) स्कूल, एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के 2,612 स्कूल और 1,746 निजी स्कूल शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी
बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करने और 'विशेष पुलिस महिला एवं बाल इकाई' (SPUWAC) के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रैंक के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
स्कूलों में शैक्षिक और व्यावसायिक मार्गदर्शन परामर्शदाता (EVGCs) सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, लिंग संवेदीकरण (Gender Sensitisation) और व्यक्तिगत सीमाओं पर सत्र आयोजित कर रहे हैं, जबकि छात्रों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी-सह-पालना केंद्रों, बाल देखभाल संस्थानों और अन्य केंद्रों पर वीडियो, मोबाइल जागरूकता वैन और प्रचार सामग्री के माध्यम से पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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