दिल्ली के 700 से अधिक स्कूलों में मिलीं सुरक्षा संबंधी कमियां, निजी स्कूलों की संख्या सबसे अधिक
Press Trust of India | July 26, 2026 | 04:46 PM IST | 2 mins read
इस अभियान के तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली छावनी बोर्ड और निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है।
नई दिल्ली: दिल्ली में बाल संरक्षण माह अभियान के तहत चलाए गए निरीक्षण अभियान के दौरान 774 विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं और इनमें सबसे अधिक संख्या निजी स्कूलों की है। लोक निवास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 13 से 24 जुलाई के बीच 1,677 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया।
यह जांच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई 'विद्यार्थी सुरक्षा जांच' के आधार पर की गई। बयान में बताया गया कि जिन विद्यालयों में कमियां पाई गईं, उन्हें सुधारात्मक कार्रवाई के लिए निगरानी में रखा गया है।
यह निरीक्षण अभियान 6 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद शुरू किया गया। उन्होंने बैठक में, पूरी दिल्ली में बाल संरक्षण माह से जुड़े कार्यक्रमों को सख्ती और तय समयसीमा के भीतर लागू करने के निर्देश दिए थे।
इस अभियान के तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली छावनी बोर्ड और निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है।
अब तक जिन 1,677 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, उनमें 790 सरकारी, 812 निजी और 75 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल शामिल हैं। इनमें 270 सरकारी, 463 निजी और 41 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। तय सुरक्षा जांच के आधार पर विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा और उन कमियों की पहचान की जा रही, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
बयान में बताया गया कि जिन विद्यालयों में कमियां मिली हैं, उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
बयान के मुताबिक,इसके बाद दोबारा जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्देशों का पालन हुआ या नहीं। इस पूरी प्रक्रिया को केवल ''एक बार की औपचारिकता'' बनाकर नहीं छोड़ा जाएगा। बयान के अनुसार, यह निरीक्षण अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक दिल्ली के सभी 5,633 विद्यालयों का निरीक्षण पूरा नहीं हो जाता।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल