Delhi School EWS Admission 2024: दिल्ली ईडब्ल्यूएस कोटा एडमिशन के लिए हाईकोर्ट ने घटाई इनकम लिमिट
Saurabh Pandey | March 6, 2024 | 12:31 PM IST | 2 mins read
दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एकल-न्यायाधीश के पहले के आदेश को संशोधित किया है, जिसमें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत स्कूल प्रवेश के लिए आय सीमा को बढ़ाया गया था। पहले आय सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख प्रति वर्ष किया गया था।
नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के तहत दिल्ली स्कूल प्रवेश के लिए वार्षिक आय सीमा को संशोधित किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने आय सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के एकल न्यायाधीश के आदेश को संशोधित कर दिया है।
खंडपीठ ने अगले आदेश तक ईडब्ल्यूएस की वार्षिक आय सीमा को संशोधित कर 1 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये कर दिया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि अगले आदेश तक विवादित फैसले के पैराग्राफ 119 में दिए गए निर्देशों पर रोक रहेगी।
एकल-न्यायाधीश ने बढ़ाई थी आय सीमा
वह बच्चा जिसके माता-पिता की कुल आय 1 लाख प्रति वर्ष से कम हो और वह पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहा हो, ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए पहले पात्र था। इस आय सीमा को पिछले साल उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा संशोधित करने का आदेश दिया गया था। 5 दिसंबर 2023 को पारित एक फैसले में, एकल-न्यायाधीश न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत स्कूलों में प्रवेश सुरक्षित करने के लिए आय की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी थी।
दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह निर्देश कि गरीब लोगों को आय प्रमाण के रूप में कुछ दस्तावेज दिखाने होंगे, उनके बच्चों की शिक्षा में बाधा आएगी, क्योंकि समाज के निचले तबके के लोगों के पास कोई आय प्रमाण होने की संभावना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि सरकार को दिसंबर 2023 के फैसले के सार पर कोई आपत्ति नहीं है या आय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए, आय कितनी होनी चाहिए, यह सरकारी कैबिनेट के लिए एक नीतिगत निर्णय है। वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि दिल्ली में ईडब्ल्यूएस पात्रता के अनुसार आय सीमा लगभग 2.5 लाख होगी।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने कहा था कि यह फैसला 2011 की आरक्षण योजना में संशोधन होने तक लागू रहेगा। दिल्ली स्कूल शिक्षा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के छात्रों के लिए मुफ्त सीटें) आदेश, 2011 के अनुसार दिल्ली के स्कूलों को कक्षा 1 में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों को उस कक्षा की कुल क्षमता का कम से कम 25 प्रतिशत प्रवेश देना आवश्यक है। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसे छात्रों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
अदालत ने बताया कि दिल्ली में अकुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन 17,494 रुपये प्रति माह है और यह मानना दूर की कौड़ी है कि वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगी।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई