Press Trust of India | April 10, 2026 | 06:15 PM IST | 1 min read
इस बीच, दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को विशिष्ट विक्रेताओं से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर न करें।

नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी विद्यालयों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी। यह दावा दिल्ली के शिक्षामंत्री आशीष सूद ने शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में पुस्तकों के वितरण में देरी को लेकर उठी चिंता के बीच किया। सूद ने कहा कि छपाई के लिए अपनाई गई निविदा प्रक्रिया के कारण पुस्तकों की आपूर्ति में थोड़ी देरी हुई। छपाई के लिए अपनाई गई इस प्रक्रिया से शिक्षा निदेशालय (डीओई) के लिए लागत में 20 से 30 प्रतिशत की कमी आती है और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है।
उन्होंने कहा कि किताबों की छपाई बेहतर गुणवत्ता में की जा रही है और दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए वितरण पहले ही शुरू हो चुका है जबकि अन्य संस्थानों को 20 अप्रैल तक ये पाठ्यपुस्तकें प्राप्त होने की उम्मीद है।
इस बीच, दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को विशिष्ट विक्रेताओं से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर न करें। लोग अपनी पसंद की किसी भी जगह से इन्हें खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।
शिक्षा विभाग ने बताया कि यह आदेश उन शिकायतों के बाद जारी किया गया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कुछ स्कूल छात्रों को निर्धारित दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे और नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
निर्देश में कहा गया कि विद्यालय निर्धारित वस्तुओं की स्पष्ट, कक्षावार सूचियां प्रदान करें और खरीद के कई विकल्प रखें। बता दें कि कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने किताबें मिलने में देरी पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।