NEET Paper Leak: नीट परीक्षा और बेरोजगारी सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस
Press Trust of India | June 11, 2026 | 04:51 PM IST | 2 mins read
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि नीट और सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली से बहुत सारे परिवार प्रभावित हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस ने 11 जून को फैसला किया कि वह नीट मामले, महंगाई एवं बेरोजगारी के खिलाफ तथा मध्य प्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने पर जल्द ही राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस अभियान का मुख्य मकसद इन विषयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाबदेह ठहराना है। पार्टी नेतृत्व की महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ बैठक में राष्ट्रव्यापी अभियान का निर्णय लिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और कई अन्य नेता मौजूद थे।
बैठक के बाद वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, “मध्य प्रदेश और झारखंड़ के राज्यसभा चुनावों में जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था। झारखंड में भाजपा समर्थित कॉर्पोरेट उम्मीदवार का नामांकन कई विसंगतियों के बावजूद स्वीकार कर लिया गया।”
उनका कहना था कि बैठक में महंगाई और बेरोजगारी पर भी चर्चा की गई। वेणुगोपाल ने कहा कि नीट और सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली से बहुत सारे परिवार प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन महीने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगी जो पीड़ित है। उनका कहना है कि इस अभियान की पूरी रूपरेखा जल्द तय की जाएगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होगा कि इन विषयों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जवाबदेही तय हो। हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस महासचिवों एवं प्रभारियों की संयुक्त रूप से यह बैठक पहली बार हुई है।
इससे पहले, खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। नीट, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों का विश्वास हिलाया है। राहुल गांधी स्वयं प्रभावित छात्रों और युवाओं से मिले हैं तथा उनकी आवाज़ को देश के सामने मजबूती से रखा है।”
उन्होंने कहा, “आज दुर्भाग्य से हम देखते हैं कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष की नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की भी है।”
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल