सरकार ने देश के ‘जॉब मार्केट’ को गहरे संकट में धकेला, युवाओं को ‘रील’ नहीं रोजगार चाहिए - कांग्रेस
Press Trust of India | August 4, 2026 | 10:41 AM IST | 2 mins read
पिछले एक वर्ष में देश की शीर्ष 11 कंपनियों में से नौ में नई नौकरियों में 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
नई दिल्ली: कांग्रेस ने बड़ी निजी कंपनियों में नई भर्तियों में आई कमी के दावे वाली एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार की आर्थिक और रोजगार नीतियों ने देश के 'जॉब मार्केट' को गहरे संकट में धकेल दिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि देश का युवा अब केवल प्रचार या “रील” से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे रोजगार चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार युवाओं के रोजगार संकट का समाधान खोजने के बजाय ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ और ध्यान भटकाने की राजनीति में लगी हुई है। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में देश की शीर्ष 11 कंपनियों में से नौ में नई नौकरियों में 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
जयराम रमेश के अनुसार, यह स्थिति बताती है कि देश गंभीर रोजगार संकट से जूझ रहा है, लेकिन सरकार समाधान तलाशने के बजाय समस्या के अस्तित्व से ही इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट समस्या के सिर्फ ऊपरी हिस्से को दर्शा रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यदि बड़ी कंपनियों में यह स्थिति है तो मोदी सरकार की नीतियों से सबसे अधिक प्रभावित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की हालत का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक और रोजगार नीतियों ने पूरे देश के ‘जॉब मार्केट’ को गहरे संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के रोजगार संकट का समाधान खोजने के बजाय आज भी केवल ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ और ध्यान भटकाने की राजनीति में लगी हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा, “देश का युवा समझदार है और उसे खुश करने के लिए रील नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे।”
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