कांग्रेस ने राजस्थान में शुरू किया 'जेन-जी फॉर चेंज' अभियान, शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर रहेगा फोकस
Press Trust of India | September 1, 2026 | 04:21 PM IST | 1 min read
विभाग के अध्यक्ष सुमित भगासरा ने बताया कि इस पहल के तहत विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया जाएगा और उनकी चिंताओं, आकांक्षाओं तथा सुझावों को समझने का प्रयास किया जाएगा।
जयपुर: कांग्रेस की राजस्थान इकाई ने राज्य में आगामी शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने और विद्यार्थियों को शिक्षा, रोजगार, कौशल तथा करियर के अवसरों से जुड़े मुद्दों पर जोड़ने के लिए 'जेन-जी फॉर चेंज' अभियान शुरू किया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया एवं डिजिटल मंच विभाग ने इस अभियान के लिए राज्य स्तर पर पेशेवर 'जेन-जी' समिति का भी गठन किया है।
विभाग के अध्यक्ष सुमित भगासरा ने बताया कि इस पहल के तहत विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया जाएगा और उनकी चिंताओं, आकांक्षाओं तथा सुझावों को समझने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 'जेन-जी' युवा अपनी पीढ़ी की जरूरतों और चिंताओं को बेहतर तरीके से व्यक्त करने की स्थिति में हैं, तथा शिक्षा की गुणवत्ता, सीमित रोजगार अवसर, कौशल की कमी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता जैसे मुद्दे उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।
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Gen-Z for Change Campaign: विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद किया जाएगा
भगासरा ने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं और राजस्थान में नई पहल के जरिए इस तरह के संपर्क को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "विभाग कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन से जुड़े कार्यक्रम करने की योजना बना रहा है।" इस अभियान को पूरे राज्य में विस्तार देने के लिए जिला स्तर पर भी इसी तरह की 'जेन-जी' समितियां गठित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ये समितियां कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद करेंगी। 'जेन जी' उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है।
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