Santosh Kumar | June 8, 2026 | 01:16 PM IST | 2 mins read
दीपके ने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान 13 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन व्यापक स्तर पर चलेगा। अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो मैं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न शहरों और राज्यों में इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करूंगा।''

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 13 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
नेपाल और बांग्लादेश में हाल में हुए 'जेन जेड' के प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने रविवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि सीजेपी आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और इसकी तुलना पड़ोसी देशों में हुए प्रदर्शनों से नहीं की जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी 'जेन जेड' के लिए है और इसकी किसी राजनीतिक दल से संबद्धता नहीं है। सीजेपी ने देश में पेपर लीक के मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
दीपके ने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान 13 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन व्यापक स्तर पर चलेगा। अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो मैं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न शहरों और राज्यों में इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करूंगा।''
उन्होंने दिल्ली में आंदोलन के अगले चरण की योजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ''अगर राज्यों में प्रदर्शन के बाद भी प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो हमारे पास फिर से आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।"
उन्होंने कहा, "छात्र नयी दिल्ली में इकट्ठा होंगे और शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करेंगे।'' दीपके ने कहा, ''प्रधान के इस्तीफे तक हम नहीं रुकेंगे। उन्हें एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।''
इससे पहले यहां संवाददाता सम्मेलन में दीपके ने कहा कि 'कॉकरोच' (तिलचट्टा) शब्द के विरोध में एक ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में शुरू हुए सीजेपी आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से नहीं की जा सकती।
उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पड़ोसी देशों में 'जेन जेड' के कारण जो ''क्रांति'' हुई वह भारत में भी हो सकती है। इस पर दीपके ने कहा, ''मैं इसकी तुलना पड़ोसी देशों से नहीं करना चाहता क्योंकि यहां (भारत में) एक व्यवस्था है।
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उन्होंने कहा, ''जो लोग हमारे आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से करते हैं उन्हें यह जानना चाहिए कि जंतर-मंतर आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, जबकि वहां काफी भीड़ थी। आंदोलन में शामिल होने वाले युवा देश के कोने-कोने से आए।"
मई में ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुई सीजेपी के 'इंस्टाग्राम' पर 2.2 करोड़ से अधिक फॉलोअर हैं। सीजेपी ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में युवाओं से प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था।
सीजेपी के नए 'एक्स' हैंडल - "कॉकरोच इज बैक" - और इसके इंस्टाग्राम मंच के माध्यम से शुरू किया गया यह अभियान शिक्षा क्षेत्र में कथित प्रणालीगत विफलताओं पर केंद्रित है, विशेष रूप से नीट 2026 "पेपर-लीक" विवाद से संबंधित चिंताओं पर।
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