Press Trust of India | June 6, 2026 | 06:07 PM IST | 3 mins read
ग्वालियर से बस के माध्यम से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे सौरभ गुर्जर ने कहा कि सीजेपी चुनावी राजनीति में उतरती है तो वह उसका समर्थन करेंगे।

नई दिल्ली: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के आंदोलन के तहत शनिवार को स्कूल-कॉलेज के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवार और अभिभावक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचे। कई लोगों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी चिंताओं ने ही उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित किया। शनिवार सुबह से जुटना शुरू हुई भीड़ दिन भर बढ़ती रही।
आंदोलन में शामिल लोगों ने बताया कि परीक्षाओं को लेकर बार-बार सामने आने वाले विवाद, परिणामों को लेकर अनिश्चितता और अधिकारियों की जवाबदेही की कमी ने व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर कर दिया है।
लोगों ने भाजपा और विपक्षी दलों से निराशा जताते हुए कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को महत्व नहीं मिल रहा। एक अभिभावक ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले दबाव को उन्होंने करीब से देखा है।
दिल्ली में गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के साथ काम करने वाली वैशाली ने कहा कि भारत अक्सर अपनी युवा आबादी को देश के लिए फायदेमंद बताता है, लेकिन युवाओं की समस्याओं का पर्याप्त समाधान नहीं होता।
उन्होंने कहा, ''भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, लेकिन उसकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।'' कश्मीर से पहुंचीं विधि पाठ्यक्रम की छात्रा सबरीना अपने छोटे भाई के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं।
उन्होंने कहा, ''ज्यादा लोग मिलकर आवाज उठाएंगे तो बात सुने जाने की संभावना भी बढ़ेगी।'' ग्वालियर से बस के माध्यम से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे सौरभ गुर्जर ने कहा कि सीजेपी चुनावी राजनीति में उतरी तो वह उसका समर्थन करेंगे।
साकेत निवासी कृष्णा ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं। सरकारें लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा, ''मैं लोगों की आवाज का समर्थन करता हूं। फिलहाल मुझे किसी भी पक्ष से उम्मीद नहीं है।''
एमबीए में स्नातक की पढ़ाई कर चुके छतरपुर के धनराज ने भी कहा कि वह ऐसे किसी नए राजनीतिक मंच का समर्थन करेंगे जो टकराव के बजाय सुधारों पर ध्यान दे। उन्होंने कहा, ''भ्रष्टाचार हर स्तर पर है। हमें सुधार की जरूरत है।''
यूपीएससी की तैयारी कर रहे राजू शर्मा ने कहा कि छात्रों को प्रभावित करने वाली लापरवाही के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठानी चाहिए।
हरियाणा के झज्जर से स्नातकोत्तर छात्र नीरज ने कहा कि सरकार और विपक्ष उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठा रहा है। उन्होंने कहा, ''हम ऐसा आंदोलन चाहते हैं जिस पर भरोसा किया जा सके और जो लोगों के मुद्दों पर काम करे।''
प्रदर्शन के आयोजन में सहयोग कर रहे रंजीत राज ने कहा कि आंदोलनकारियों में राजनीतिक व्यवस्था को लेकर असंतोष की भावना है। उन्होंने कहा, ''अगर विपक्ष बेहतर काम कर रहा होता, तो शायद इतने लोग यहां नहीं होते।''
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प्रदर्शन में स्वयंसेवक के रूप में मौजूद व्लॉगर राज पटेल ने कहा कि समर्थक चाहते हैं कि ध्यान आंदोलन की आलोचना पर नहीं, बल्कि उठाए जा रहे मुद्दों पर केंद्रित रहे। प्रदर्शन में कुछ स्कूली छात्र भी शामिल हुए।
7वीं कक्षा के छात्र अद्वैत ने कहा कि छात्र चाहते हैं कि परीक्षा से जुड़े विवाद उनके भविष्य को प्रभावित न करें। सरकार को छात्रों की सुरक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे विवादों के कारण उनका करियर बर्बाद न हो।''
अद्वैत के पिता अपूर्व जोठवानी ने कहा कि परीक्षा संबंधी अनिश्चितता परिवारों के लिए भी तनाव का कारण बन गई है। उन्होंने कहा, ''अभिभावक भी परेशान हैं। कुछ वर्षों में मेरे बच्चे को भी अपना करियर चुनना होगा।''
कांग्रेस की युवा इकाई ने कहा कि वह कई राज्यों में विरोध प्रदर्शनों का नया चरण शुरू करेगी जिसके तहत मशाल जुलूस निकाले जाएंगे, छात्रों से संपर्क करने के कार्यक्रम चलाए जाएंगे और प्रदर्शन एवं घेराव किया जाएगा।
Santosh Kumar