CJP Protest: सीजेपी प्रदर्शन पर महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी; कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने की वांगचुक से मुलाकात

Press Trust of India | July 17, 2026 | 06:54 PM IST | 2 mins read

महबूबा मुफ्ती ने सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर टिप्पणी की। नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह हड़ताल की जा रही है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक और सीजेपी के सदस्यों के साथ एकजुटता दिखाई। (इमेज-एक्स/@CJP_for_India)

नई दिल्ली: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार का जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे युवाओं से बातचीत करने से इनकार करना औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। महबूबा ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक हमारी नयी पीढ़ी ('जेन जेड') का भविष्य बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ये परेशान करने वाले दृश्य हमें भारत को औपनिवेशिक शासन से आजाद कराने के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दी गई कुर्बानियों की याद दिलाते हैं। अंग्रेज भले ही चले गए हों, लेकिन औपनिवेशिक मानसिकता अब भी बनी हुई लगती है।''

महबूबा मुफ्ती ने सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर टिप्पणी की। नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह हड़ताल की जा रही है।

CJP Protest: सरकार को "राज धर्म" की याद दिलाई

जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा ने पूछा, ''लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की उस बेरुखी को और कैसे समझाया जा सकता है, जो युवाओं से बात करने से भी इनकार कर देती है--वही युवा पीढ़ी जो भारत का भविष्य तय करेगी?''

इससे पहले, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक और सीजेपी के सदस्यों के साथ एकजुटता दिखाई, जो जंतर-मंतर पर परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, साथ ही, सरकार को "राज धर्म" की याद दिलाई।

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CJP Protest: कॉजपा का विरोध प्रदर्शन का 28वां दिन

नीट में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा का विरोध प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ, जबकि शिक्षाविद सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए एवं तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

कॉजपा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है।

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