सीबीएसई एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन, प्रह्लाद जोशी बोले- शिक्षा में रटकर सीखने की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए

Santosh Kumar | October 28, 2026 | 07:47 AM IST | 1 min read

मंत्री ने कहा कि रटकर सीखने की जगह अनुभव के माध्यम से सीखने को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिंतित अभिभावकों को भी किसी तरह बच्चों से अच्छे अंक हासिल करने पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना बंद करना चाहिए।

सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर में 'एक्सपीरियंस सेंटर' के उद्घाटन के अवसर पर यह बात कही। (इमेज-एक्स/@cbseindia29)

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि शिक्षा व्यवस्था एवं चिंतित अभिभावक 'अंकवादी' हो गए हैं और बच्चों के अंकों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने रटकर सीखने की जगह अनुभव के माध्यम से सीखने पर जोर दिया। मंत्री ने द्वारका स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के एकीकृत कार्यालय परिसर में 'एक्सपीरियंस सेंटर' के उद्घाटन के अवसर पर यह बात कही।

उन्होंने कहा, "विद्यार्थियों का काफी समय याद करने और अच्छे अंक लाने की योजना बनाने में बीत जाता है। अभिभावक भी अक्सर सोचते हैं कि किसी तरह अंक हासिल करने ही हैं। मैं अक्सर कहता हूं कि लोग 'अंकवादी' बन गए हैं।"

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा,  "यह मानसिकता लगभग हर अभिभावक में घर कर गई है। इसका नुकसान यह है कि बच्चे की समझ, सीखने की क्षमता और रुचि पर ध्यान नहीं दिया जाता।"

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उन्होंने कहा, "अच्छे अंक लाने के दबाव के कारण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की भी कमी रहती है। किताबों तक सीमित रहने वाला और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल न किया जा सकने वाला ज्ञान कम काम आता है। एनईपी 2020 के पीछे यही सोच है।"

मंत्री ने कहा कि रटकर सीखने की जगह अनुभव के माध्यम से सीखने को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिंतित अभिभावकों को भी किसी तरह बच्चों से अच्छे अंक हासिल करने पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना बंद करना चाहिए।

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