सीबीएसई का टीचरों को निर्देश, कक्षा 10वीं-12वीं की परीक्षाओं के मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन न करें शेयर
Santosh Kumar | March 16, 2026 | 04:14 PM IST | 2 mins read
2026 की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विशेष रूप से कक्षा 12 के लिए लागू ओएसएम प्रणाली के तहत मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है।
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को ऑनलाइन शेयर करने पर रोक लगाते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विशेष रूप से कक्षा 12 के लिए लागू 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) प्रणाली के तहत मूल्यांकन एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है।
शिक्षकों को सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप या किसी अन्य ऑनलाइन माध्यम से लॉगिन क्रेडेंशियल, मूल्यांकन प्रक्रिया का विवरण, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं, या कोई भी आंतरिक डेटा शेयर करने से स्पष्ट रूप से मना किया गया है।
सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने से बचें
बोर्ड के संज्ञान में यह बात आई है कि कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे कुछ व्यक्ति सोशल मीडिया पर टिप्पणियां, राय और अनुभव साझा कर रहे हैं। इनमें से कई पोस्ट भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
इससे संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के बीच भ्रम पैदा होने और अफवाहें फैलने की आशंका है। सभी शिक्षकों को इसके द्वारा यह याद दिलाया जाता है कि: मूल्यांकन प्रक्रिया गोपनीय होती है और यह सख्त नियमों द्वारा संचालित होती है।
नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मंचों पर राय साझा करना सख्त मना है। अफवाहें फैलाने या तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का कोई भी प्रयास आचरण का उल्लंघन माना जाएगा, और इसके परिणामस्वरूप कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षकों को संयम बरतने और परीक्षा प्रणाली की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी गई है। बोर्ड ने आगे कहा की सीबीएसई सभी मूल्यांकनकर्ताओं से अपेक्षा करता है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय व्यावसायिकता बनाए रखें।
एक अलग नोटिस में बोर्ड ने कहा कि जिनका मूल्यांकन प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है, वे भी गलत डिटेल्स ऑनलाइन फैला रहे हैं। ऐसी जानकारी फैलाना और सीबीएसई के नाम, लोगो या इमारतों की तस्वीरों का उपयोग करना सख्त मना है।
अगली खबर
]राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
उन्होंने कहा कि एक समाचार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 5 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा नहीं है और राज्य के उच्च न्यायालय ने इसे शर्मनाक बताते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
]- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी
- Coaching Reforms: कक्षा 11 के स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं कराने की संभावना तलाश रहा केंद्र, अधिकारी ने दी जानकारी
- MP School News: मध्य प्रदेश में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3,660 करोड़ रुपये स्वीकृत, मंत्री ने की घोषणा
- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व