Press Trust of India | June 15, 2026 | 10:18 PM IST | 2 mins read
अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के कोटा से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से आगामी 21 जून को फिर से आयोजित होने वाली नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का वादा करके छात्रों से धोखाधड़ी की थी।
Predict your MBBS, BDS & AYUSH admission chances with the NEET College Predictor. Get personalized college recommendations based on rank, category & quota.
Try Now
अहमदाबाद: अहमदाबाद पुलिस ने दोबारा आयोजित होने वाली नीट (री-नीट) परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने का झांसा देने और नीट उम्मीदवारों के खाते हैक कर उन्हें वापस मिलने वाले परीक्षा शुल्क को हड़पने के आरोप में अलग-अलग मामलों में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के कोटा से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से आगामी 21 जून को फिर से आयोजित होने वाली नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का वादा करके छात्रों से धोखाधड़ी की थी।
NEET 2026: Which MBBS/BDS/Ayush Colleges Can You Get? Check Now with College Predictor
NEET 2026: Marks Vs Rank | Expected Cutoff
Also See: Safe Score for AIIMS Delhi | MBBS Seats in India
आरोपियों ने "प्राइवेट माफिया" के नाम से 8 टेलीग्राम चैनल बनाए थे और कथित तौर पर यह झूठा दावा करते हुए विज्ञापन प्रसारित किए थे कि उनके पास दोबारा आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र हैं और वे इसे उपलब्ध करा सकते हैं।
जांच में दोनों आरोपियों के बैंक खातों से करीब 1.5 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला। पुलिस ने जयपुर के सुमेर सिंह मीणा और कोटा के आकाश मीणा को गिरफ्तार किया है, जो टेलीग्राम चैनलों के जरिए लोगों को फंसाते थे।
दूसरे मामले में, बिहार के गयाजी निवासी नवीन यादव ने कथित तौर पर कमजोर पासवर्ड का फायदा उठाकर नीट पोर्टल पर करीब 150 उम्मीदवारों के खातों तक पहुंच हासिल कर ली।
इसके बाद उसने 3 मई को हो चुकी मूल नीट परीक्षा के रद्द होने के बाद सरकार द्वारा वापस (रिफंड) की जा रही परीक्षा शुल्क की राशि को अपने खातों में स्थानांतरित कर लिया।
अहमदाबाद के एक निवासी ने साइबर अपराध पुलिस थाने में अपनी बेटी का नीट पासवर्ड चोरी होने की शिकायत की। नवीन यादव ने करीब 350 खातों को निशाना बनाया और उनमें से लगभग 150 खातों को हैक करने में सफल रहा।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने इन उम्मीदवारों द्वारा दिए गए बैंक विवरण को हटाकर अपने बैंक खाते की जानकारी डाल दी, ताकि रीफंड की राशि उसके खाते में जमा हो जाए। अधिकारियों ने बताया कि मामलों की जांच जारी है।