CBSE 12th Result 2026: ऑन-स्क्रीन मार्किंग के फायदे और असंतुष्ट छात्रों के लिए री-इवैल्युएशन गाइडलाइंस जारी

Saurabh Pandey | May 17, 2026 | 01:20 PM IST | 3 mins read

सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 से असंतुष्ट विद्यार्थी मार्किंग स्कीम के आधार पर अपनी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करें। यदि आपको कोई गलती दिखती है, तो कृपया स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि मार्किंग स्कीम से उत्तर मिलने के बावजूद किसी विशेष प्रश्न में अंक नहीं दिए गए हैं।

सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 से असंतुष्ट विद्यार्थी कृपया मार्किंग स्कीम के आधार पर अपनी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करें। (आधिकारिक वेबसाइट)

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस बार 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) यानी डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को अपनाया है। सोशल मीडिया पर अंकों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बोर्ड ने इस तकनीक के फायदे बताते हुए उन छात्रों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो अपने घोषित परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को अपनी कॉपियां खुद देखने और दोबारा जांच कराने का पूरा मौका दिया जाएगा।

आवेदन करने और प्रोसेसिंग फीस जमा करने की पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन होगी। निर्धारित तिथि और समय के बाद या किसी भी ऑफलाइन माध्यम से कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के मुख्य फायदे

सीबीएसई के अनुसार, इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष और सटीक बनाने के लिए शिक्षकों को पहले विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं-

  1. गोपनीयता - उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता पूरी तरह बनी रहती है।
  2. गलतियों से मुक्ति - अंकों को जोड़ने, चढ़ाने या वेबसाइट पर अपलोड करने में होने वाली मानवीय गलतियां खत्म हो जाती हैं।
  3. सटीक मूल्यांकन - मार्किंग स्कीम के तहत हर एक उत्तर की जांच सुनिश्चित होती है।
  4. कम मानवीय हस्तक्षेप - कॉपियों को बार-बार छूने या एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल (पेपरलेस) भी है।
  5. पारदर्शिता और क्षमता - इससे लाखों कॉपियों का मूल्यांकन तेजी से होता है और छात्रों व अभिभावकों का भरोसा बढ़ता है।

नंबरों से असंतुष्ट छात्रों के लिए प्रक्रिया

अगर कोई छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है, तो बोर्ड उसे अपनी स्कैन्ड कॉपी खुद चेक करने की सुविधा दे रहा है। इसके लिए वर्ष 2026 में निम्नलिखित दो चरणों का पालन करना होगा-

चरण 1 - छात्र अपने पसंदीदा विषय की जांची गई उत्तर पुस्तिका की डिजिटल स्कैन्ड कॉपी के लिए अनुरोध कर सकते हैं। यह कॉपी छात्र के लॉगिन अकाउंट में उपलब्ध कराई जाएगी, जहां से वे इसे डाउनलोड कर सकेंगे। यह कॉपियां 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर मिलेंगी (यानी जो पहले अप्लाई करेगा, उसे स्कैन्ड कॉपी पहले मिलेगी)।

चरण 2 - स्कैन्ड कॉपी खुद देखने के बाद छात्र आगे की प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं-

  • उत्तर पुस्तिका में देखी गई कमियों या गड़बड़ियों का सत्यापन (Verification)।
  • किसी विशेष उत्तर का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation)।

री-इवैल्युएशन की महत्वपूर्ण शर्तें

  1. अंक कम होने का जोखिम - यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्र का केवल एक अंक भी कम होता है, तो उसे भी प्रभावित (लागू) माना जाएगा। यानी आपके नंबर घट भी सकते हैं।
  2. मार्कशीट वापस करना अनिवार्य - जिन छात्रों के अंकों में बदलाव (कमी या वृद्धि) होगा, उन्हें अपने पास मौजूद पुरानी मार्कशीट-सह-प्रमाणपत्र को बोर्ड के पास वापस करना होगा। इसके बाद ही उन्हें नया संशोधित प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।
  3. बोर्ड की सीमाएं - बोर्ड के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण अंकों में संशोधन या प्रक्रिया में होने वाली किसी भी देरी के परिणामों के लिए बोर्ड जिम्मेदार नहीं होगा।

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उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन्ड कॉपी, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की समय-सारणी

गतिविधि
निर्धारित अवधि
निर्धारित शुल्क

जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन्ड कॉपी प्राप्त करना

(ऑनलाइन आवेदन)

19.05.2026 से 22.05.2026

रुपये 700 रुपये प्रति विषय

उत्तर पुस्तिका में पाई गई कमियों का सत्यापन (Verification)

प्रश्नों का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए ऑनलाइन आवेदन डेट

26.05.2026 से 29.05.2026

सत्यापन के लिए 500 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका


री-इवैल्युएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न


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