Press Trust of India | May 16, 2026 | 05:35 PM IST | 1 min read
इस सहयोग के तहत सैन्य समुदाय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो (यूजीसी-डीईबी) से मान्यता प्राप्त स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

लखनऊ: सैन्य उत्कृष्टता और शैक्षणिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए फतेहगढ़ स्थित ‘सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट ट्रेनिंग सेंटर’ और कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान विश्वविद्यालय ने फतेहगढ़ में एक अध्ययन केंद्र स्थापित करने का आश्वासन दिया।
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि विश्वविद्यालय की ‘डी-कोड’ पहल के तहत हुए इस समझौते से रेजिमेंट के सैनिकों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों को उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध होंगे।
इस सहयोग के तहत सैन्य समुदाय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो (यूजीसी-डीईबी) से मान्यता प्राप्त स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
बयान में कहा गया कि पात्र अभ्यर्थी कंप्यूटर एप्लीकेशन, व्यापार प्रबंधन और कला जैसे विषयों में डिग्री प्राप्त कर सकेंगे जिससे न केवल उनका शैक्षणिक विकास होगा, बल्कि सेवा के बाद रोजगार और करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।
इसमें कहा गया कि समझौते का मुख्य उद्देश्य रोबोटिक्स, कृत्रिम मेधा (एआई), साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
सीएसजेएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह समझौता राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे सैनिक सेवा के दौरान भी अपनी उच्च शिक्षा और बौद्धिक विकास को जारी रख सकेंगे।
‘सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर’ के कमांडेंट ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने कहा कि यह पहल अग्निवीरों, जवानों और उनके परिवारों को भविष्य की डिजिटल और प्रबंधकीय चुनौतियों के अनुरूप कौशल प्रदान करेगी, जिससे वे प्रतिस्पर्धी बने रह सकेंगे।
समारोह में करीब 600 अग्निवीरों, सैनिकों और उनके परिवारों ने पंजीकरण कराया। विश्वविद्यालय ने फतेहगढ़ में जल्द ही एक अध्ययन केंद्र स्थापित करने का आश्वासन दिया है। अगला पंजीकरण जुलाई में नए प्रवेश सत्र के साथ शुरू होगा।