Abhay Pratap Singh | May 16, 2026 | 06:33 PM IST | 2 mins read
जेईई एडवांस्ड 2026 दो सत्रों में आयोजित की जाएगी, प्रथम सत्र का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा 17 मई को संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड (JEE Advanced) 2026 का आयोजन कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में पेपर-1 और पेपर-2 के लिए किया जाएगा। जेईई मेन 2026 में सफल शीर्ष 2.5 लाख उम्मीदवार ही जेईई एडवांस्ड 2026 में बैठने के पात्र हैं।
जेईई एडवांस्ड 2026 दो सत्रों में आयोजित की जाएगी, प्रथम सत्र का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों को जेईई एडवांस्ड एडमिट कार्ड के साथ एक मूल फोटो पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है।
जेईई एडवांस्ड 2026 में शामिल होने वाले पात्र अभ्यर्थियों को पेपर-1 के लिए सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक तथा पेपर-2 के लिए दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे, इसलिए उम्मीदवारों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
परीक्षार्थियों को जेईई एडवांस्ड एग्जाम डे गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को साधारण, हल्के कपड़े और चप्पल या सैंडल पहनने की सलाह दी गई है। उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, हस्तलिखित सामग्री, कैलकुलेट या कोई अन्य प्रतिबंधित वस्तु लाने की अनुमति नहीं है।
प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जारी कर दिया गया है, जिसे लॉगिन क्रेडेंशियल की सहायता से डाउनलोड कर सकते हैं। जेईई एडवांस्ड का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में इंजीनियरिंग, विज्ञान और वास्तुकला के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।
जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए प्रत्येक पेपर की अवधि 3 घंटे होगी। पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम उपलब्ध होगा। पेपर-1 और पेपर-2 दोनों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित सेक्शन से प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक पेपर में 51-51 प्रश्न होंगे, जिनके लिए कुल 360 अंक आवंटित किए गए हैं। प्रश्नों की कुल संख्या और अंक हर साल बदल सकते हैं।