Bihar Students Protest: सीएम आवास घेराव की कोशिश में छात्रों ने तोड़े बैरिकेड, पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछार
Santosh Kumar | August 25, 2026 | 02:37 PM IST | 2 mins read
हाथों में तिरंगा लिए छात्रों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिए। छात्र पिछले कई सप्ताह से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं।
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के अभ्यर्थियों समेत विभिन्न छात्र संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश में पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे।
इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हाथों में तिरंगा लिए छात्रों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिए। छात्र पिछले कई सप्ताह से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं।
Bihar Students Protest: प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग
उनकी प्रमुख मांगों में टीआरई-4 में एक स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू करना, भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। बीएसएससी की लंबित भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना तथा हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को समान अवसर देना शामिल है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द करने की भी मांग की। प्रदर्शनकारी उम्मीदवार की मांग है कि बिहार में शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए।
Bihar Protest: छात्र नेता दिलीप कुमार ने क्या कहा?
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा है कि टीआरई-4 में प्री परीक्षा, मेन्स परीक्षा और सीडीपी को शामिल करना उन्हें मंज़ूर नहीं है। शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव रखा है; हमने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले हम छात्रों से सलाह लेंगे।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने आगे कहा है कि नेगेटिव मार्किंग हटाने और सिंगल-स्टेज परीक्षा लागू करने के बारे में शिक्षा विभाग के साथ बातचीत हुई है। सिंगल-स्टेज परीक्षा की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि जो भी बदलाव किए जाने हैं, वे टीआरई-4 के बजाय टीआरई-5 के जरिए किए जाएं; उनकी मांगों में एक परीक्षा कराना, नेगेटिव मार्किंग हटाना और 100% डोमिसाइल पॉलिसी लागू करना शामिल है।
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इस पहल की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर की। यह अभियान 25 अगस्त से राज्य के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों और हॉस्टलों में लागू किया गया है।
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