Santosh Kumar | August 25, 2026 | 10:41 AM IST | 1 min read
छात्र शिविरों में सीधे सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकेंगे। ये शिविर हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे।

नई दिल्ली: बिहार सरकार ने छात्रों की शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं का तेजी से, पारदर्शी और तय समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू किया है। इस पहल की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर की। यह अभियान 25 अगस्त से राज्य के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों और हॉस्टलों में लागू किया गया है।
एक्स पर एक पोस्ट में सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा, "बिहार सरकार आज 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' शुरू कर रही है, ताकि छात्रों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों का जल्द और तय समय में समाधान किया जा सके।"
बिहार सरकार की 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' पहल के तहत, छात्र शिविरों में सीधे सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकेंगे। ये शिविर हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे।
सीएम ने आगे लिखा, "'विद्यार्थी सहयोग शिविर' और 'हेल्पलाइन 1100' के जरिए छात्र शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे और उनके स्टेटस को ट्रैक कर सकेंगे। छात्रों की हर बात सुनी जाए और हर समस्या का समाधान हो।"
ये कैंप सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें यूनिवर्सिटी, कॉन्स्टिट्यूएंट कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्कूल, साथ ही सरकारी हॉस्टल भी शामिल हैं।
आयोग ने उन सभी उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है जो लिखित (वस्तुनिष्ठ) प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हुए थे और जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान कार्य अनुभव का दावा किया।
Santosh Kumar