Santosh Kumar | August 25, 2026 | 10:01 AM IST | 2 mins read
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के कड़े निर्देश दिए।

नई दिल्ली: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह, नौकरी के उम्मीदवारों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर टिप्पणी करते समय एक खास कहावत का इस्तेमाल करने के बाद मुश्किल में पड़ गए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि अधिकारी ने उनकी तुलना 'कुत्तों' से की। अब, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा नियंत्रक को सस्पेंड करने के कड़े निर्देश दिए।
सोशल मीडिया पर बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे आयोग की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों की मांगों पर जवाब देते हुए दिखे।
बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक रहे राजेश कुमार सिंह से शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई) को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दो चरण में कराने तथा हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों के साथ कथित भेदभाव के आरोपों पर सवाल पूछा गया था।
उन्होंने जवाब में कहा, ''जिन्हें आपत्ति है, वे अदालत क्यों नहीं जाते? आयोग की ओर से मैं केवल इतना कहना चाहता हूं- हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।'' उन्होंने प्रेस से आग्रह किया कि उनकी इस कहावत को नजरअंदाज किया जाए।
यह वीडियो समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसके बाद छात्रों और विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विधान सभा में राजद नेता तेजस्वी यादव ने राजेश सिंह से सार्वजनिक माफी की मांग की।
उन्होंने सीएम सम्राट चौधरी की सरकार से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। तेजस्वी यादव जब धरनास्थल पहुंचे तो कई अभ्यर्थियों ने साफ किया कि प्रशासन की नजर में हमारी हैसियत आवारा कुत्तों से ज्यादा नहीं है।
विवाद बढ़ने के बाद राजेश सिंह ने वीडियो जारी कर कहा, ''मैंने केवल एक कहावत कही थी, लेकिन मेरे शब्दों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। फिर भी यदि मेरी बात से किसी की भावनाएं, आहत हुई हैं तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।''
इस बीच, कई मीडिया संस्थानों ने खबर दी कि राज्य सरकार ने सिंह को पद से हटाने और निलंबित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उम्मीदवार विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।