Santosh Kumar | June 2, 2026 | 03:29 PM IST | 2 mins read
डमी एडमिट कार्ड में नाम, माता-पिता के नाम, विषय, लिंग, दिव्यांगता श्रेणी, धर्म, फोटो या हस्ताक्षर जैसी किसी भी जानकारी में गलती हो, तो छात्र उसे सुधारकर हस्ताक्षर सहित अपने संस्थान के प्राचार्य को जमा करें।

नई दिल्ली: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) ने डीएलएड (फेस-टू-फेस) परीक्षा 2026 के डमी एडमिट कार्ड के लिए करेक्शन विंडो खोल दी है। इसके जरिए रजिस्टर्ड उम्मीदवार, फाइनल एडमिट कार्ड जारी होने से पहले अपने आवेदन की जानकारी में मौजूद किसी भी गलती को देख और सुधार सकते हैं। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, बिहार डीएलएड डमी एडमिट कार्ड करेक्शन विंडो 6 जून तक सक्रिय रहेगी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने डीएलएड परीक्षा से संबंधित डमी एडमिट कार्ड जारी करने की सूचना दी है। 15 से 30 मई के बीच ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के डमी एडमिट कार्ड अब पोर्टल पर उपलब्ध है।
यह सुविधा उन छात्रों के लिए उपलब्ध है, जिन्होंने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) द्वारा मान्यता प्राप्त और बोर्ड से संबद्ध सरकारी तथा निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से नामांकन कराया है।
तय अवधि के दौरान, उम्मीदवार आवेदनों में किसी भी त्रुटि की जांच कर सकेंगे और उन्हें ठीक कर सकेंगे। बोर्ड ने संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे वेबसाइट से डमी प्रवेश पत्र की 3 प्रतियां डाउनलोड करें।
इनमें से दो प्रतियों पर हस्ताक्षर और मुहर लगाकर छात्रों को दी जाएंगी, जबकि एक प्रति संस्थान अपने रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखेगा। बिहार डीएलएड डमी एडमिट कार्ड करेक्शन विंडो deled.biharboardonline.org पर एक्टिव है।
डमी एडमिट कार्ड में नाम, माता-पिता के नाम, विषय, लिंग, दिव्यांगता श्रेणी, धर्म, फोटो या हस्ताक्षर जैसी किसी भी जानकारी में गलती हो, तो छात्र उसे सुधारकर हस्ताक्षर सहित अपने संस्थान के प्राचार्य को जमा करें।
प्राचार्य सत्यापन के बाद ही सुधार करेंगे। जिन संस्थानों ने परीक्षा शुल्क जमा कर दिया था लेकिन आवेदन पत्र जमा नहीं कर पाए, या जिन्होंने शुल्क और आवेदन दोनों जमा नहीं किए हैं, उन्हें 2 से 4 जून के बीच यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इसके लिए बोर्ड का पोर्टल खुला रहेगा। इस अवधि में आवेदन करने वाले छात्रों के डमी एडमिट कार्ड 5 से 6 जून 2026 तक उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपनी जानकारी जांचकर आवश्यक सुधार कर सकें।
यदि निर्धारित समय के भीतर आवेदन पत्र जमा नहीं किए गए, तो संबंधित छात्रों का मूल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में छात्रों को होने वाली किसी भी परेशानी की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान के प्राचार्य या छात्र की होगी।
कला एवं संस्कृति विभाग ने इन दोनों प्रस्तावों को साकार करने का संकल्प लिया है। बिहार सरकार ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है।
Santosh Kumar