Rajasthan JE Paper Leak: राजस्थान जेई भर्ती परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में असिस्टेंट इंजीनियर गिरफ्तार

Press Trust of India | January 30, 2026 | 10:59 AM IST | 2 mins read

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने 'प्रश्नपत्र लीक' के दम पर इस भर्ती परीक्षा की वरीयता सूची में 12वां स्थान हासिल किया था।

एसओजी ने इस मामले में कार्यरत सहायक अभियंता गणपत लाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

जयपुर: राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह ने खुलासा किया है कि जेई संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के सितंबर 2021 में दोबारा आयोजन में भी प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इस मामले में एक सहायक अभियंता को गिरफ्तार किया गया है। इसकी मूल परीक्षा को कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक होने के कारण रद्द किया गया था। अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बृहस्पतिवार को बताया कि एसओजी ने इस मामले में वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यरत सहायक अभियंता गणपत लाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने 'प्रश्नपत्र लीक' के दम पर इस भर्ती परीक्षा की वरीयता सूची में 12वां स्थान हासिल किया था। बंसल के अनुसार, दिसंबर 2020 में हुई जेई भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ।

पुलिस ने जब आरोपियों से पूछा कि पहली परीक्षा रद्द होने के बाद वे दोबारा सफल कैसे हुए, तो उन्होंने कबूल किया कि 12 सितंबर 2021 को दोबारा आयोजित परीक्षा का प्रश्न पत्र भी परीक्षा से पहले ही लीक कर दिया गया था।

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Rajasthan JE Paper Leak: परीक्षा से पहले मिले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र

इसके बाद एसओजी ने 19 जनवरी 2026 को नया मामला दर्ज किया। जांच के बाद अन्य आरोपी जगदीश बिश्नोई से पूछताछ में सामने आया है कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र मुहैया कराए।

अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, जांच में सबसे गंभीर तथ्य गणपत लाल की संलिप्तता का आया है। गणपत लाल ने अवैध तरीके से प्रश्न पत्र प्राप्त कर परीक्षा दी और वरीयता सूची में 12वां स्थान पाया।

वर्तमान में आरोपी बाड़मेर के सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर तैनात था और पदोन्नति भी पा चुका था। उन्होंने एक बयान में बताया कि एसओजी ने गणपत लाल को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसकी नियुक्ति एवं पदोन्नति को निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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