Saurabh Pandey | June 17, 2026 | 11:52 AM IST | 2 mins read
उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद् (UBTER) ने सत्र 2026-27 के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 18 जून से निःशुल्क ऑनलाइन काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा की है।

नई दिल्ली : उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद् (UBTER) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा पॉलिटेक्निक 2026 (JEEP-2026) में रैंक प्राप्त करने वाले सभी पात्र उम्मीदवार कल यानी 18 जून 2026 से काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं।
इस बार परिषद् द्वारा काउंसलिंग पूरी तरह से निःशुल्क आयोजित की जा रही है। इच्छुक अभ्यर्थी काउंसलिंग की आधिकारिक वेबसाइट admissions.ubterjeep.co.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
परिषद् द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, काउंसलिंग का आयोजन दो मुख्य चरणों में किया जाएगा, जिसका कार्यक्रम इस प्रकार है-
उत्तराखंड जीप-2026 प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित और रैंक प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी इस काउंसिलिंग के लिए पात्र हैं। अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के अनुसार अधिक से अधिक संस्थानों और ब्रांचों के विकल्प भरने की सलाह दी गई है, क्योंकि विकल्प लॉक न करने की स्थिति में अंतिम दिन उपलब्ध चॉइस अपने आप लॉक हो जाएगी। सीट का आवंटन पूरी तरह से अभ्यर्थी की जीप-2026 रैंक, भरी गई प्राथमिकताओं और श्रेणीवार उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा।
सीट आवंटित होने के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथियों के भीतर संबंधित संस्थान में स्वयं उपस्थित होना होगा। रिपोर्टिंग के समय अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाणपत्र, उनकी दो-दो सत्यापित छायाप्रतियां, बायोमेट्रिक फॉर्म और जीप-2026 का एडमिट कार्ड और रैंक कार्ड साथ ले जाना अनिवार्य है। इसके साथ ही, यदि किसी अभ्यर्थी को प्रथम चरण में आवंटित सीट पसंद नहीं आती है और वे द्वितीय चरण की काउंसलिंग में भाग लेना चाहते हैं, तो उन्हें प्रथम चरण के आवंटित संस्थान में उपस्थित होकर 'Upgradation' का विकल्प चुनना होगा।
परिषद् ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन काउंसलिंग में भाग लेने से पहले उम्मीदवार मुख्य वेबसाइट ubter.in पर जाकर विस्तृत विज्ञापन और सूचनाओं का भलीभांति अध्ययन कर लें। यदि कोई अभ्यर्थी तय समय सीमा के भीतर आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करने और शुल्क जमा करने में विफल रहता है, तो उसका आवंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि किसी भी स्तर पर अभ्यर्थी द्वारा दी गई जानकारी या दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो उसका प्रवेश रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।