Santosh Kumar | October 9, 2026 | 03:30 PM IST | 1 min read
संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख एवं अंतरराष्ट्रीय अदालत की न्यायाधीश नवनेथम 'नवी' पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार देने की नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में की गई।

नई दिल्ली: नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी ने शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की मशहूर कानून विशेषज्ञ नवनेथेम “नवी” पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की। कमिटी ने उन्हें यह पुरस्कार "शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की उनकी कोशिशों" के लिए दिया है। नवी पिल्लै का जन्म 23 सितंबर 1941 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में हुआ।
न्यायविद नवनेथेम “नवी” पिल्लै रंगभेद के मुश्किल दौर में पली-बढ़ीं, उन्होंने कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाया और जल्द ही भेदभाव, अलगाव और बहिष्कार के खिलाफ लड़ने वाली एक प्रमुख वकील बन गईं।
“नवी” पिल्लै" ने नेल्सन मंडेला समेत रंगभेद-विरोधी कार्यकर्ताओं का बचाव किया। साथ ही, दक्षिण अफ्रीका हाईकोर्ट, रवांडा के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
इस वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार की 125वीं वर्षगांठ है। संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख एवं अंतरराष्ट्रीय अदालत की न्यायाधीश नवनेथम 'नवी' पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार देने की नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में की गई।
यह पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से है। कल कनाडाई कवि ऐनी कार्सन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई। चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल को मिलेगा।
भौतिकी का नोबेल पुरस्कार बेल्जियम में जन्मे वैज्ञानिक फ्रांसिस हैल्जेन को मिलेगा। जबकि हेनरी बी कागन और केंसो सोआई को रसायन विज्ञान का नोबल पुरस्कार मिला। 12 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के नोबेल विजेता का नाम घोषित किया जाएगा।
रसायन विज्ञान के लिए नोबेल समिति के अध्यक्ष हीनर लिन्के ने एक विज्ञप्ति में कहा, "हेनरी कागन और केंसो सोआई ने एक सदी से अधिक पुरानी रासायनिक गुत्थी का समाधान प्रदान किया है कि कैसे होमोकिरालिटी (समरूपता) स्वतः उत्पन्न हो सकती है।"
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