Santosh Kumar | June 30, 2026 | 12:16 PM IST | 3 mins read
झुंझुनू के एस करण कॉलेज के स्टाफ ने केंद्र पर नकल कराने की साजिश रची। उस कॉलेज के कई फर्स्ट-ईयर के छात्र पेपर में फेल हो गए थे। उन्हें पास कराने में मदद के लिए, स्टाफ ने परीक्षा केंद्र के अधिकारियों के साथ सांठगांठ की।

नई दिल्ली: राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल (आरपीएमसी) की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल का मामला सामने आया है। जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर नकल करवाकर कई छात्रों को पास कराने की साजिश रची गई। ईटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश किया है और अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कॉलेज का एक एडमिनिस्ट्रेटर और उसका भतीजा भी शामिल हैं।
परीक्षा केंद्र पर छात्रों को सामूहिक नकल कराने की तैयारी चल रही थी। हालांकि पुलिस को समय पर सूचना मिल गई और साजिश का पर्दाफाश हो गया. एक कॉलेज प्रशासक और उसके भतीजे समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल जांच चल रही है। यह ऑपरेशन जयपुर (पश्चिम) जिले के खोरा बिसल पुलिस स्टेशन ने चलाया। आरोप है कि प्रभावित छात्र परीक्षा नहीं दे पाए क्योंकि प्रश्न-पत्र समय पर नहीं मिले; इसके बाद परीक्षा केंद्र पर हंगामा हो गया।
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्रों को उनके प्रश्न-पत्र समय पर मिल गए, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर परीक्षा हॉल में बैठे छात्रों को काफी देर तक प्रश्न-पत्र नहीं मिले।
छात्रों ने परीक्षा कर्मचारियों से बार-बार प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, लेकिन वे समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इससे नाराज होकर छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया, जो बाद में तोड़-फोड़ में बदल गया।
परीक्षा में नकल की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों में रामकृष्ण मांडीवाल (प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के प्रशासक), उनके भतीजे देवकृष्ण, कृष्ण कुमार सैनी और शंकरलाल जाट शामिल हैं।
कृष्ण कुमार और शंकरलाल एस. करण कॉलेज में काम करते हैं और उन्हें परीक्षा केंद्र पर इनविजिलेटर के तौर पर तैनात किया जाना था। बता दें कि कल राज्य भर के कई केंद्रों पर पैरामेडिकल परीक्षा आयोजित की गई।
जयपुर का प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज भी इनमें से एक सेंटर था। खोरा बिसल के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सुरेंद्र चौधरी को खबर मिली कि इस सेंटर पर बड़े पैमाने पर नकल की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने छापा मारा और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि सेंटर पर नकल कराने के लिए लाखों रुपयों का सौदा हुआ था, जिसमें इनविजिलेटर के जरिए परीक्षार्थियों से नकल कराने की योजना थी।
झुंझुनू के एस करण कॉलेज के स्टाफ ने केंद्र पर नकल कराने की साजिश रची। उस कॉलेज के कई फर्स्ट-ईयर के छात्र पेपर में फेल हो गए थे। उन्हें पास कराने में मदद के लिए, स्टाफ ने परीक्षा केंद्र के अधिकारियों के साथ सांठगांठ की।
इस योजना में सेंटर पर ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर की मदद से नकल कराने का प्लान शामिल था। एस करण कॉलेज के छात्रों को नकल कराने के लिए प्रभादेवी मेमोरियल कॉलेज के एडमिनिस्ट्रेटर्स के साथ समझौता किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जिन छात्रों को इस नकल से फायदा पहुंचाया जाना था, उनके नाम कागज की कच्ची पर्चियों पर लिखे हुए मिले। शुरुआती जांच से पता चलता है कि नकल कराने के बदले परीक्षार्थियों से लगभग 3.50 लाख रुपये लिए गए।