Republic Day 2026: राष्ट्रपति मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा झंडा, जानें इस वर्ष की थीम, इतिहास
Santosh Kumar | January 26, 2026 | 11:33 AM IST | 2 mins read
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि हैं।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित वहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इसके साथ ही भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, एकता एवं प्रगति और इसकी सैन्य शक्ति को प्रदर्शित किए जाने की शुरुआत हुई।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हैं। कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ है।
10,000 खास मेहमानों को इनविटेशन
राष्ट्रपति मुर्मू ‘पारंपरिक बग्गी’ में बैठकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। करीब 100 सांस्कृतिक कलाकारों की परेड की शुरुआत हुई, जिसका विषय ‘विविधता में एकता’ है। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे। विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष मेहमानों को भी आमंत्रित किया गया है।
Republic Day 2026 Parade: गणतंत्र दिवस का इतिहास, महत्व
भारत को 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली, लेकिन उसने अपना संविधान 26 जनवरी, 1950 को अपनाया। यह संविधान, जिसे बीआर अंबेडकर की अध्यक्षता वाली संविधान सभा ने बनाया था, भारत सरकार अधिनियम की जगह लागू हुआ।
इसका अंतिम ड्राफ्ट 4 नवंबर, 1948 को सभा में पेश किया गया। 26 जनवरी, 1950 को भारत एक गणतंत्र बना। इस मौके पर 21 तोपों की सलामी दी गई और भारत के पहले राष्ट्रपति (1950-1962) राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
तब से, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। 26 जनवरी, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव अपनाया, जिसमें यह घोषणा की गई कि भारत का लक्ष्य ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना है।
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