RBSE Board Exam 2027: राजस्थान में अब कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार होंगी, नई गाइडलाइंस जारी

Santosh Kumar | October 5, 2026 | 10:19 PM IST | 2 mins read

इस नए सिस्टम के तहत, सभी रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स के लिए पहली मुख्य परीक्षा देना जरूरी होगा। जो स्टूडेंट्स यह परीक्षा पास कर लेंगे, वे अधिक से अधिक तीन विषयों में अपने मार्क्स बेहतर करने के लिए दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

Best Courses After 10th Class

Explore the best courses after 10th across science, commerce, arts, and vocational streams. Find the right path based on your interests and build a strong career foundation.

Download Now
राजस्थान बोर्ड के सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। (इमेज-एक्स/@Rajasthanboard)

नई दिल्ली: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं में बड़े बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत, छात्रों को अब एक ही साल में दो बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। बोर्ड की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च 2027 में होगी और इम्प्रूवमेंट परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान बोर्ड के सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

इस नए सिस्टम के तहत, सभी रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स के लिए पहली मुख्य परीक्षा देना जरूरी होगा। जो स्टूडेंट्स यह परीक्षा पास कर लेंगे, वे अधिक से अधिक तीन विषयों में अपने मार्क्स बेहतर करने के लिए दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

RBSE 10th Board Exam 2027: कम से कम 33% अंक अनिवार्य

दोनों परीक्षाओं में पूरा सिलेबस शामिल होगा और हर विषय में मिले अधिक अंकों को ही फाइनल रिजल्ट के लिए माना जाएगा। राजस्थान बोर्ड ने पहले वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।

अब दूसरी परीक्षा, इम्प्रूवमेंट व सप्लीमेंट्री टेस्ट, दोनों का काम करेगी। जो छात्र मुख्य परीक्षा में 2 विषयों में कम से कम 33% अंक नहीं ला पाए, उन्हें 'जरूरी सुधार' कैटेगरी के तहत दूसरी परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।

Also read UP Board Exam 2027: यूपी बोर्ड 9वीं-11वीं के छात्र विवरण में सुधार की प्रक्रिया आज से शुरू, अंतिम तिथि जानें

Rajasthan Board Exam 2027: राजस्थान बोर्ड ने जारी की गाइडलाइंस

जो छात्र 3 या उससे अधिक विषयों में फेल हो जाते हैं या 3 से अधिक विषयों में अनुपस्थित रहते हैं, उन्हें राजस्थान बोर्ड की दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें अगले साल पूरी परीक्षा दोबारा देनी होगी।

यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और इसे सीबीएसई मॉडल की तर्ज पर लागू किया जा रहा है। इसका मकसद परीक्षा से जुड़ा तनाव कम करना और छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने का एक अतिरिक्त मौका देना है।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]