Press Trust of India | June 18, 2026 | 05:14 PM IST | 2 mins read
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के अनुसार, दुनिया भर में मूल्यांकन किए गए 8,808 संस्थानों में से 106 देशों और क्षेत्रों के 1,504 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग दी गई।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अपनी स्थिति बेहतर की है और छह स्थान ऊपर चढ़कर वैश्विक स्तर पर 322वीं रैंक हासिल की है। डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय 2026 की रैंकिंग में 328वें स्थान से आगे बढ़ा है और सबसे ऊंची रैंकिंग वाले भारतीय विश्वविद्यालय का अपना दर्जा बनाए रखा है। विश्वविद्यालय ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में अपना 7वां स्थान भी बनाए रखा है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के अनुसार, दुनिया भर में मूल्यांकन किए गए 8,808 संस्थानों में से 106 देशों और क्षेत्रों के 1,504 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग दी गई। इस रैंकिंग में कुल 52 भारतीय संस्थान शामिल थे।
इस उपलब्धि को साझा करते हुए कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि यह सुधार विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, छात्रों, शोधकर्ताओं, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और अन्य हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने कहा, “वैश्विक रैंकिंग में लगातार सुधार और भारत के अग्रणी विश्वविद्यालयों में हमारी स्थिति इस बात का प्रमाण है कि हमारा शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र कितना मजबूत है, और हम शिक्षण, शोध, नवाचार तथा समाज से जुड़ाव में उत्कृष्टता के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं।”
बयान में कहा गया कि विश्वविद्यालय ने कई प्रदर्शन मानकों में सुधार दर्ज किया है। ‘सिटेशन्स पर फैकल्टी’ श्रेणी में दिल्ली विश्वविद्यालय की रैंकिंग 403 से 318 हो गई, जो इसके शोध कार्य की बढ़ती पहचान और प्रभाव को दर्शाती है। ‘सस्टेनेबिलिटी’ में विश्वविद्यालय 297 से 240 स्थान पर पहुंचा, जबकि ‘एम्प्लॉयर रेपुटेशन’ में भी सुधार हुआ और यह 319 से 304 हो गया।
भारतीय संस्थानों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय रोजगार परिणामों में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि 'सस्टेनेबिलिटी' में यह पिछले वर्ष के छठे स्थान से ऊपर उठकर चौथे स्थान पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क में भी विश्वविद्यालय चौथे स्थान पर रहा। वहीं, शैक्षणिक प्रतिष्ठा के मामले में यह भारतीय संस्थानों के बीच अपना छठा स्थान बनाए रखने में सफल रहा।