यूपी में उपलब्ध एमबीबीएस की 11,800 और पीजी की 3,971 सीटों का मेडिकल छात्रों को मिल रहा लाभ: मंत्री सुरेश खन्ना
Press Trust of India | February 20, 2025 | 06:10 PM IST | 2 mins read
वित्त मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-2026 में स्नातक (यूजी), परास्नातक (पीजी) के लिए कुल 10,000 सीट जोड़े जाने की घोषणा की गई है, जिनमें से 1500 सीट उत्तर प्रदेश को प्राप्त होंगी।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने बजट भाषण में कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में राजकीय एवं निजी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल कॉलेज/ चिकित्सा संस्थान/ विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की 11,800 सीट तथा चिकित्सा शिक्षा में परास्नातक (पीजी) की 3,971 सीट उपलब्ध हैं। इसका लाभ मेडिकल के छात्रों को मिल रहा है।
मंत्री ने बृहस्पतिवार (20 फरवरी) को बजट भाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2017 से पहले ‘बीमारू’ प्रदेश कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के मामले में उत्तम प्रदेश बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 वैश्विक बीमारी का प्रदेश में जिस कुशलता से सामना किया उसकी प्रशंसा विश्व स्तर पर की गई। मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 80 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 44 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र में हैं। प्रदेश में दो एम्स, आईएमएस, बीएचयू (वाराणासी) तथा जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ संचालित हैं।
वर्ष 2024-2025 में 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं पीपीपी मोड पर तीन जनपदों-महाराजगंज, सम्भल तथा शामली में नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-2026 में स्नातक (यूजी), परास्नातक (पीजी) के लिए कुल 10,000 सीट जोड़े जाने की घोषणा की गई है, जिनमें से 1500 सीट उत्तर प्रदेश को प्राप्त होंगी। इसके लिए लगभग 2066 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की कुल सीट संख्या 120 थीं, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में इन सीट की संख्या को बढ़ाकर 250 किया गया है। बलिया तथा बलरामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए क्रमशः 27 करोड़ रुपए तथा 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है।
खन्ना ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2,110 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही 8 आयुर्वेदिक कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय, 2 यूनानी कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय तथा 9 होम्योपैथिक कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय संचालित हैं।
वित्त वर्ष 2025-2026 में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना, जनपद अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना, जनपद वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने का लक्ष्य है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम