IIT Madras: आईआईटी मद्रास ने पांच छात्रों को खेल कोटा में दिया प्रवेश, जानें पात्रता मानदंड
Saurabh Pandey | November 9, 2024 | 12:13 PM IST | 2 mins read
आईआईटी मद्रास ने 4 नवंबर को परिसर में सितारा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। उद्घाटन के अवसर पर आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र के रूप में एक ओलंपियन होगा।
नई दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने अपने स्नातक इंजीनियरिंग कार्यक्रम में पांच छात्रों को खेल कोटा के तहत प्रवेश दिया है। वर्ष 2023 में आईआईटी मद्रास बीटेक प्रवेश में खेल कोटा शुरू करने वाला पहला संस्थान है। उम्मीदवारों को अभी भी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड उत्तीर्ण करना होगा।
आईआईटी मद्रास के सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स के प्रमुख और डीन (एमेरिटस) महेश पंचगनुला ने कहा कि शुरुआत के तौर पर इस साल पांच छात्रों को प्रवेश दिया गया है। हालांकि आईआईटी मद्रास ने खेल-कोटा प्रवेश के लिए प्रति बीटेक ब्रान्च में दो सीटें निर्धारित की थीं। इसकी एक दर्जन से अधिक शाखाओं में स्नातक और एकीकृत कार्यक्रम हैं।
सितारा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन
संस्थान ने 4 नवंबर को परिसर में सितारा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। उद्घाटन के अवसर पर आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र के रूप में एक ओलंपियन होगा। आईआईटी मद्रास के 'स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन' के तहत पांच राष्ट्रीय चैंपियंस को प्रवेश दिया गया है, और निश्चित रूप से हम इस श्रेणी में कई और खिलाड़ियों को प्रवेश देंगे।
एसएआई ने प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की
पंचगनुला में ने कॅरियर्स360 को बताया कि प्रवेश प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से आईआईटी मद्रास द्वारा प्रशासित थी और भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) द्वारा आयोजित की गई थी, न कि संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जोएसएए) द्वारा जो आमतौर पर आईआईटी प्रवेश काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित करती है। विभाग की वेबसाइट के अनुसार, सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स ने SAI के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
IIT JEE Admission 2025: पात्रता मानदंड
इस वर्ष जेईई एडवांस्ड उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार ही "स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन" (एसईए) के लिए पात्र थे। पात्र होने के लिए उन्हें सामान्य रैंक सूची और श्रेणी-वार सूची में होना होगा। साथ ही, उन्हें पिछले चार वर्षों में राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कम से कम एक पदक जीतना होगा।
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