IIT Delhi: हाई स्कूल की छात्राओं के लिए आईआईटी दिल्ली के STEM मेंटरशिप कार्यक्रम के तीसरे बैच का हुआ समापन
Abhay Pratap Singh | January 13, 2025 | 01:54 PM IST | 2 mins read
स्टीम मेंबरशिप शीतकालीन चरण 5 दिवसीय कार्यक्रम था, जिसमें आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्राओं और संकाय द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए गए।
नई दिल्ली: आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने हाई स्कूल की छात्राओं के लिए एसटीईएम मेंटरशिप कार्यक्रम (STEM Mentorship Program) के शीतकालीन चरण के तीसरे बैच का सफलतापूर्वक समापन किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से कक्षा 9 और 11 की हाई स्कूल की छात्राओं के लिए तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों की छात्राओं ने भाग लिया।
परिसर में ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन चरणों के बीच की अवधि के दौरान छात्रों को मासिक रूप से आयोजित होने वाली विज्ञान-तकनीक स्पिन्स व्याख्यान श्रृंखला में भाग लेने का अवसर मिला। साथ ही, STEMBoard की संस्थापक व सीईओ तथा नासा की पूर्व एयरोस्पेस इंजीनियर आइशा बोवे के विशेष व्याख्यान में भी भाग लिया।
शीतकालीन चरण 5 दिवसीय कार्यक्रम था जिसमें आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्राओं और संकाय द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए गए, जिनमें STEM में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका, तंत्रिका विज्ञान में AI की भूमिका और एल्गोरिथम डिजाइन शामिल थे। छात्रों को नवाचार के साथ सृजन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए एक DIY कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
इस वर्ष कार्यक्रम का आयोजन प्रो दिव्या नायर और प्रो रोहित वैश द्वारा प्रो सुबोध शर्मा व प्रोफेसर शिल्पी शर्मा और प्रो नारायणन डी. कुरुर (डीन, अकादमिक) के नेतृत्व में किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. दिव्या नायर ने 2021 में 10 छात्र प्रतिभागियों के साथ की थी। वर्तमान बैच में अब तक सबसे अधिक पंजीकृत प्रतिभागी (80) शामिल हुए।
दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्कूलों से सफल प्रतिभागियों की संख्या में वृद्धि और विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को शामिल करने के साथ कार्यक्रम में काफी विस्तार देखा गया है। कार्यक्रम का प्रभाव उन पूर्व छात्रों की सफलता में स्पष्ट है, जिन्होंने अब विज्ञान और इंजीनियरिंग में विविध करियर के क्षेत्रों में कदम रखा है।
कार्यक्रम के समापन समारोह में आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्रों और पूर्व छात्राओं के साथ एक पैनल चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने अपने करियर की यात्रा और STEM क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करने के बारे में जानकारी साझा की। इसके अलावा, STEM कार्यक्रम की पूर्व छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह से इस कार्यक्रम ने उनकी मदद की।
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