IIT Delhi: आईआईटी दिल्ली के मटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने लॉन्च किया कॉमिक बुक-स्टाइल ब्रोशर
Saurabh Pandey | March 19, 2026 | 05:04 PM IST | 2 mins read
डीएमएसई कॉमिक बुक के इस पहले संस्करण के बाद, एक सीरीज के रूप में समय-समय पर अन्य कॉमिक बुक्स भी जारी की जाएंगी, जिनका उद्देश्य कला के माध्यम से विभाग, उसके शोध परियोजनाओं और शिक्षण कार्यों के मूल स्वरूप को दर्शाना है।
नई दिल्ली : आईआईटी दिल्ली के मटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग (DMSE) ने मटेरियल्स साइंस की दुनिया को हास्य, कहानी और जीवंत कला के माध्यम से जीवंत बनाने के लिए एक रचनात्मक पहल की है और अपनी तरह के पहले कॉमिक बुक-स्टाइल ब्रोशर का विमोचन किया है। 'Delivering a Material Safari Experience' शीर्षक वाले कॉमिक के केंद्र में डीएमएसई के नए मैस्कॉट और 'सूत्रधार' प्रोफेसर पदार्थ हैं।
एक चतुर मार्गदर्शक के रूप में, प्रोफेसर पदार्थ एक जिज्ञासु विद्यार्थी को मटेरियल्स साइंस के विविध क्षेत्रों जैसे- धातुओं और सिरेमिक्स से लेकर पॉलिमर्स, डेटा साइंस और उभरती हुई स्मार्ट सामग्रियों तक की एक 'जंगल-सफ़ारी' जैसी यात्रा पर ले जाते हैं। कॉमिकस्टाइल ब्रोशर का लिंक- https://issuu.com/ultramarine/docs/comic_dmse_iitdelhi है।
इस रोचक कथा शैली के माध्यम से यह ब्रोशर जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल बनाने और वास्तविक दुनिया से उनके जुड़ावों को उजागर करने का प्रयास करता है, जिससे मटेरियल्स इंजीनियरिंग को प्रभावशाली और सहज रूप से समझे जाने योग्य बनाया जा सके। कहानी में आईआईटी दिल्ली की समानता, विविधता और समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता की सूक्ष्म झलकियां बुनी गई हैं।
मटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. जयंत जैन ने कहा कि इस कॉमिक पुस्तक की परिकल्पना स्टेम (STEM) के रोचक और मनोरंजक पहलुओं को प्रमुखता से सामने लाने के लिए की गई थी। मटेरियल्स इंजीनियरिंग एक अत्यंत रचनात्मक और प्रेरणादायक क्षेत्र है, और हम ऐसा माध्यम चाहते थे जो विद्यार्थियों के साथ-साथ गैर-तकनीकी पाठकों को भी समान रूप से आकर्षित कर सके।
इस पहल का नेतृत्व करने वाले डीएमएसई के प्रो. आर. लक्ष्मी नारायण ने कहा कि इसके पीछे विचार यह था कि विद्यार्थी पदार्थों को ऐसी वस्तु के रूप में देखें, जिनके साथ वे प्रतिदिन रहते हैं और अनुभव करते हैं, ताकि वे जो कार्य करते हैं वह अत्यधिक तकनीकी नहीं बल्कि पूर्णतः प्राकृतिक और तार्किक लगे। प्रो. पदार्थ की पदार्थों की दुनिया की यात्रा एक नई काल्पनिक दुनिया होगी, जिसके माध्यम से हम अपने युवा पदार्थ वैज्ञानिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
डीएमएसई के संकाय सदस्यों ने किया डिजाइन
इस दृष्टि को साकार करने के लिए, ब्रोशर पर काम कर रहे डीएमएसई के चार संकाय सदस्यों की एक टीम ने आईआईटी दिल्ली के डिजाइन विभाग के पूर्व विद्यार्थी प्रसेनजित चटर्जी के साथ सहयोग किया। चटर्जी ने एक आकर्षक, कॉमिक-बुक सौंदर्य के साथ वैज्ञानिक विचारों को जोड़ने के लिए दृश्य कल्पना, पात्रों और कहानी को आकार देने के लिए टीम के साथ मिलकर काम किया
अगली खबर
]Bihar DCECE Application Form 2026: बिहार डीसीईसीई रजिस्ट्रेशन विंडो ओपन, लास्ट डेट 21 अप्रैल, जानें प्रोसेस
पंजीकरण विंडो आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर एक्टिव है। यह परीक्षा पीई (पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग), पीएमएम (पैरामेडिकल मिडिल लेवल), और पीएम (पैरामेडिकल) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जा रही है।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
]- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’