IIM Sambalpur: आईआईएम संबलपुर आई-हब फाउंडेशन इनक्यूबेटर-एक्सलेरेटर प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू,30 मई लास्ट डेट
Saurabh Pandey | May 20, 2024 | 02:54 PM IST | 2 mins read
आई-हब फाउंडेशन के प्रमुख क्षेत्रों में टेक्सटाइल, कृषि, रक्षा, आपदा प्रबंधन, वित्तीय और डिजिटल समावेशिता और महिला और समावेशी उद्यमिता के साथ-साथ कला और ट्राइबल एंटरप्रेन्योरशिप भी शामिल है।
नई दिल्ली : आईआईएम संबलपुर आई-हब फाउंडेशन ने अपने प्रतिष्ठित इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (2024-25) में भाग लेने के लिए देशभर से इच्छुक स्टार्टअप और उद्यमियों को आमंत्रित किया है। कार्यक्रम को शुरुआती चरण के स्टार्टअप, वेंचर्स और चेंजमेकर्स के लिए लॉन्चपैड के रूप में कार्य करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है।
आई-हब फाउंडेशन के चेयरपर्सन प्रोफेसर दिवाहर नादर ने बताया कि इच्छुक उद्यमियों को 30 मई, 2024 की समय सीमा से पहले अपने आवेदन जमा करके इनक्यूबेटर और एक्सेलरेटर प्रोग्राम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सबमिशन के बाद, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को 1 जून से 14 जून, 2024 के बीच अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। अंतिम चयन सूची 15 जून, 2024 को घोषित की जाएगी।
यह प्रोग्राम फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी को हासिल करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसी दायित्वपूर्ण व्यावसायिक प्रथाओं को बढ़ावा देना भी है, जो अधिक न्यायसंगत और टिकाऊ भविष्य में योगदान कर सकें।
आईआईएम संबलपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने बताया कि आई-हब फाउंडेशन में हम एक ऐसा डायनेमिक ईको सिस्टम विकसित कर रहे हैं, जो इनोवेटिव किस्म के स्टार्टअप को बढ़ावा दे सके। इनक्यूबेटर और एक्सलेरेटर प्रोग्राम इन स्टार्टअप को कारोबारी दुनिया में आगे बढ़ने और कामयाबी हासिल करने के लिए पूरी तरह सपोर्ट करता है और इन्हें सशक्त बनाने का प्रयास करता है, ताकि वे अर्थव्यवस्था में स्थायी योगदान दे सकें।
आई-हब फाउंडेशन के प्रमुख क्षेत्रों में टेक्सटाइल, कृषि, रक्षा, आपदा प्रबंधन, वित्तीय और डिजिटल समावेशिता और महिला और समावेशी उद्यमिता के साथ-साथ कला और ट्राइबल एंटरप्रेन्योरशिप भी शामिल है। इन प्रमुख क्षेत्रों पर गहरा ध्यान केंद्रित करते हुए, फाउंडेशन का लक्ष्य इनोवेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है।
प्रो. जायसवाल ने आगे कहा कि उद्योग और शैक्षणिक दुनिया के साथ-साथ वैल्यू चेन हितधारकों के साथ भी आई-हब फाउंडेशन का एक व्यापक नेटवर्क है और इसने कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस तरह आई-हब स्टार्टअप्स को व्यापक सपोर्ट प्रदान करने में पूरी तरह सक्षम है।
Also read IIM Sambalpur में 'एमबीए इन फिनटेक मैनेजमेंट' प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें पात्रता मानदंड
इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (2024-25) के तहत गहन प्रशिक्षण, उद्योग के दिग्गजों से सलाह और एक महत्वपूर्ण नेटवर्क तक पहुंचने की सुविधा मिलती है और इस तरह महत्वाकांक्षी चेंजमेकर्स को एक मजबूत सपोर्ट मिलता है। साथ ही, आईआईएम संबलपुर आई-हब फाउंडेशन इनक्यूबेटर कम्युनिटी में शामिल होने और स्टार्टअप ईको सिस्टम के भीतर विश्वसनीयता और मान्यता हासिल करने का विशेष अधिकार भी मिलता है।
प्रतिभागियों को को-वर्किंग स्पेस, फंडिंग संबंधी अवसर, उद्योगों के साथ जुड़ाव और संभावित निवेश जैसे आवश्यक संसाधनों तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे उन्हें अपनी उद्यमशीलता यात्रा में सफलता हासिल करने में मदद मिलेगी।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’