IGNOU PGDMH 2024: इग्नू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज ने मेंटल हेल्थ में शुरू किया पीजी डिप्लोमा, जानें फीस,पात्रता
Saurabh Pandey | May 30, 2024 | 02:17 PM IST | 1 min read
इग्नू का मानसिक स्वास्थ्य में पीजी डिप्लोमा एक साल का कोर्स है, जो केवल अंग्रेजी में है। इस कार्यक्रम के लिए कुल शुल्क 9,000 रुपये है, जिसमें अतिरिक्त पंजीकरण शुल्क 300 रुपये है। प्रवेश वर्ष में दो बार जुलाई और जनवरी में होता है।
नई दिल्ली : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसओएसएस) ने मानसिक स्वास्थ्य में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएमएच) शुरू किया है। यह कार्यक्रम मनोविज्ञान, सामाजिक कार्य और नर्सिंग में मास्टर डिग्री, डेंटल सर्जरी में स्नातक की डिग्री और एलोपैथी, आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों से मेडिकल स्नातक वाले व्यक्तियों के लिए है।
इग्नू के मेंटल हेल्थ में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की अवधि एक साल के लिए होगी, जो केवल अंग्रेजी भाषा में है। इस कार्यक्रम के लिए कुल 9,000 रुपये का शुल्क देना होगा, जिसमें पंजीकरण शुल्क 300 रुपये है। प्रवेश वर्ष में दो बार जुलाई और जनवरी में होता है। पाठ्यक्रम ओपन डिस्टेंस लर्निंग होगा।
इग्नू का यह कार्यक्रम बैंगलोर, भोपाल, भुवनेश्वर, दिल्ली, रांची, नागपुर, नोएडा, जबलपुर, वाराणसी और पटना सहित भारत भर के विभिन्न क्षेत्रीय और अध्ययन केंद्रों द्वारा समर्थित है। कुछ अन्य केंद्रों की बात करें तो बैंगलोर में मोंटफोर्ट कॉलेज, दिल्ली में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और नागपुर में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज शामिल हैं।
इस पाठ्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जिसमें बुनियादी बातें, डिसऑर्डर्स, विशेष क्षेत्र, सेवाएं और इंटर्नशिप शामिल हैं। यह कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य में एक मजबूत आधार प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इग्नू के पीजीडीएमएच कार्यक्रम का लक्ष्य भारत में मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स की तत्काल आवश्यकता को पूरा करना है। यह कार्यक्रम सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य देखभाल दोनों में क्षमता निर्माण और पेशेवरों को प्रशिक्षित करने पर केंद्रित है। यह पाठ्यक्रम ओपन और डिस्टेंस प्रारूप के माध्यम से सुगम शिक्षा भी प्रदान करता है, जिससे छात्रों को अपने मुताबिक पढ़ाई करने का मौका मिलता है।
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