IGNOU MBAHCHM 2024: इग्नू ने एमबीए हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट प्रोग्राम किया लॉन्च, जानें पात्रता, फीस
Saurabh Pandey | June 25, 2024 | 04:56 PM IST | 1 min read
एमबीए हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा करने के बाद छात्रों को स्वास्थ्य सेवा संस्थान/स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित संस्थानों में प्रबंधकीय और प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया जा सकता है।
नई दिल्ली : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (स्वास्थ्य देखभाल और अस्पताल प्रबंधन) प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों, संबंधित संगठनों और अस्पतालों में रोजगार के लिए तैयार कुशल कार्यबल तैयार करना है। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों सहित देश भर में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना है।
इसके लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कम से कम 50% अंकों के साथ न्यूनतम 3 वर्ष की अवधि की स्नातक डिग्री उत्तीर्ण होना चाहिए। भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के मामले में 45% अंक होने चाहिए।
इस कार्यक्रम में चार सेमेस्टर में 112 क्रेडिट हैं। पहले सेमेस्टर में 4 क्रेडिट के सात मुख्य पाठ्यक्रम हैं। दूसरे सेमेस्टर में भी 4 क्रेडिट के सात मुख्य पाठ्यक्रम हैं। तीसरे और चौथे सेमेस्टर में विशेष पाठ्यक्रम हैं। छात्रों को तीसरे सेमेस्टर में एक प्रोजेक्ट लेना होगा और एक प्रैक्टिकल भी देना होगा। प्रैक्टिकल पाठ्यक्रम में उन्हें अस्पतालों/स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों में तैनात किया जाएगा। छात्रों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे उनके द्वारा पहचाने गए स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े संस्थान/अस्पताल में तीन महीने की इंटर्नशिप भी करना होगा।
सेमेस्टरवाइज शुल्क
इग्नू की तरफ से एमबीए हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट प्रोग्राम में छात्रों को सेमेस्टर-वार शुल्क का भुगतान करना होगा। प्रथम सेमेस्टर के लिए 15,500 रुपये देने होंगे। दूसरे सेमेस्टर के लिए 15,500 रुपये और तीसरे सेमेस्टर के लिए 19,500 रुपये, जबकि चौथे सेमेस्टर के लिए 17,500 रुपये देने होंगे।
Also read NEET Controversy: नीट विवादों के बीच छात्र चुन रहे हैं ये प्राइवेट कॉलेज, MBBS की फीस केवल ₹3000
एमबीए हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा करने के बाद छात्रों को स्वास्थ्य सेवा संस्थान/स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित संस्थानों में प्रबंधकीय और प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया जा सकता है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम