Santosh Kumar | April 9, 2026 | 12:40 PM IST | 1 min read
नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को 25,000 रुपये से लेकर 70,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि उनकी सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के उन अभ्यर्थियों को आगे की तैयारी के लिए वित्तीय मदद मुहैया कराएगी, जो यूपीएससी, राज्य लोक सेवा आयोग और न्यायिक सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षाओं में उत्तीर्ण होते हैं। सीएम ने हाल ही में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले हरियाणा के युवाओं को सम्मानित करने के लिए चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में अपने संबोधन के दौरान यह घोषणा की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 'मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना' के तहत आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को 25,000 रुपये से लेकर 70,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सीएम ने कहा कि घोषणापत्र में जैसा कहा गया था अब यूपीएससी, हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और न्यायिक सेवाओं की प्री परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने वाले ईडबल्यूएस उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है, उनके छात्रों को 70,000 रुपये मिलेंगे, जबकि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, उनके छात्रों को 60,000 रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा, जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख से तीन लाख रुपये के बीच है, उनके छात्रों को 50,000 रुपये मिलेंगे और जिनकी वार्षिक आय तीन लाख से पांच लाख रुपये के बीच है, उनके छात्रों को 25,000 रुपये मिलेंगे।
उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में शाम की कक्षाओं के जरिये यूपीएससी और एचपीएससी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं से लाभान्वित और सफल हो सकें।