सरकार कक्षा 11वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम में कौशल आधारित शिक्षा शुरू करने की बना रही योजना - धर्मेंद्र प्रधान

Abhay Pratap Singh | September 21, 2025 | 05:36 PM IST | 1 min read

आईआईटी मद्रास में दक्षिणापथ शिखर सम्मेलन 2025 में प्रधान ने कहा, एनईपी 2020 की प्राथमिक सिफारिशों में से एक कौशल आधारित शिक्षा है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि, कौशल-आधारित शिक्षा कक्षा 6 से स्कूली पाठ्यक्रम का एक औपचारिक हिस्सा बन जाएगी। (इमेज-एक्स/धर्मेंद्र प्रधान)

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की सिफारिशों के अनुसार कक्षा 11वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम में कौशल आधारित शिक्षा को शामिल करने पर विचार कर रही है।

प्रधान ने कहा कि उचित स्तर पर शिक्षण पद्धति में आमूलचूल बदलाव होना चाहिए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में इसकी सिफारिश की गई है।

उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम कक्षा 11वीं और 12वीं में कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने पर काम कर रहे हैं।’’ पाठ्यक्रम में कौशल आधारित शिक्षा को शामिल करने की अवधारणा के बारे में प्रधान ने कहा कि पहले की शिक्षा प्रणाली प्रमाणपत्र और डिग्री पर केंद्रित थी।

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उन्होंने आईआईटी मद्रास में दक्षिणापथ शिखर सम्मेलन 2025 में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सही कहा कि हमें डिग्री और प्रमाणन की आवश्यकता है, लेकिन हमें छात्रों को सक्षम भी बनाना होगा।’’

प्रधान ने कहा, ‘‘एनईपी 2020 की प्राथमिक सिफारिशों में से एक कौशल आधारित शिक्षा है।’’ उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय छठी कक्षा से ही कौशल आधारित शिक्षा शुरू करने पर भी काम कर रहा है।

शिक्षा मंत्री (भारत सरकार) धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘‘पहले कौशल आधारित शिक्षा वैकल्पिक थी। कौशल आधारित शिक्षा चयनात्मक थी। लेकिन अब से कौशल एक विषय के रूप में शिक्षा का एक औपचारिक हिस्सा होगा।’’

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