Foundit Reposts: इंजीनियरिंग क्षेत्र में उम्मीदवारों की उपलब्धता और भर्ती की मांग के बीच बढ़ा अंतर - रिपोर्ट

Press Trust of India | September 15, 2026 | 05:36 PM IST | 2 mins read

अगस्त, 2026 के अनुमान के अनुसार, कुल 39.59 लाख सक्रिय इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के मुकाबले इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाली 6.68 लाख नौकरियां उपलब्ध थीं।

रिपोर्ट में कहा गया कि प्रौद्योगिकी इंजीनियर के लिए सबसे बड़ा एकल क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन इंजीनियरिंग से जुड़ी ज्यादातर नौकरियां अब इसके बाहर हैं। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

नई दिल्ली: इंजीनियरिंग क्षेत्र में उम्मीदवारों की उपलब्धता और भर्ती की मांग के बीच अंतर बढ़ रहा है। प्रवेश स्तर की नौकरियों की तलाश करने वाले उम्मीदवार कुल प्रतिभा का 45 प्रतिशत हैं, जबकि ऐसी नौकरियों की मांग केवल 28 प्रतिशत है। प्रतिभा मंच फाउंडिट (मॉन्स्टर) की रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग प्रतिभाओं की उपलब्धता और मांग के बीच सबसे अधिक अंतर प्रवेश स्तर पर है। 0-3 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवर सक्रिय इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के कुल पूल का करीब 45 प्रतिशत हैं, लेकिन उनके लिए उपलब्ध नौकरियों की हिस्सेदारी केवल 28 प्रतिशत है।

रिपोर्ट अगस्त में ऑनलाइन मंचों पर जारी की गई इंजीनियरिंग क्षेत्र की नौकरियों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें सक्रिय नौकरी विज्ञापनों को शामिल किया गया है, जबकि उम्मीदवारों की उपलब्धता का आंकड़ा ‘फाउंडिट’ के प्रतिभा डेटाबेस से लिया गया है।

अगस्त, 2026 के अनुमान के अनुसार, कुल 39.59 लाख सक्रिय इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के मुकाबले इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाली 6.68 लाख नौकरियां उपलब्ध थीं। यानी हर एक नौकरी के लिए 5.9 उम्मीदवार थे। हालांकि, यह अनुपात इंजीनियरिंग की अलग-अलग धाराओं में काफी अलग है। मोटर वाहन/स्वचालन इंजीनियरिंग में हर नौकरी के लिए 1.1 उम्मीदवार से लेकर 'इलेक्ट्रॉनिक्स' और 'इंस्ट्रूमेंटेशन' में 11.5 उम्मीदवार तक हैं।

Also read NITI Aayog Report: देश में करीब 87,000,000 युवा न पढ़ाई कर रहे, न रोजगार में हैं और न प्रशिक्षण ले रहे-रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग करियर की शुरुआत में उम्मीदवारों की उपलब्धता सबसे अधिक होती है और तीन साल से अधिक अनुभव होने के बाद यह काफी कम हो जाती है। 0-3 वर्ष के अनुभव वाले इंजीनियर उम्मीदवारों का सबसे बड़ा समूह हैं। वहीं, 15 वर्ष से अधिक अनुभव वाले समूह में उम्मीदवारों और नौकरियों का अनुपात 9.5 से घटकर 4.1 रह जाता है, यानी आधे से भी कम हो जाता है।

फाउंडिट के मुख्य उत्पाद एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीपीटीओ) तरुण शर्मा ने कहा, “आज इंजीनियरिंग में करियर अब किसी एक क्षेत्र या पारंपरिक करियर मार्ग तक सीमित नहीं हैं। प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ने के साथ इंजीनियर के पास अपना करियर बनाने के लिए अधिक व्यापक अवसर हैं। अवसर यह है कि उद्योग जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उसके अनुरूप लगातार खुद को विकसित किया जाए और उभरते क्षेत्रों में इंजीनियरिंग की अपनी बुनियादी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाए।”

इंजीनियरिंग क्षेत्र में कुल मांग में 4-10 वर्ष के अनुभव वाले लोगों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 54 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रौद्योगिकी इंजीनियर के लिए सबसे बड़ा एकल क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन इंजीनियरिंग से जुड़ी ज्यादातर नौकरियां अब इसके बाहर हैं।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]