Delhi Coaching Deaths: दिल्ली में कोचिंग सेंटर हादसे में अभ्यर्थियों की मौत मामले की सीबीआई करेगी जांच
Press Trust of India | August 7, 2024 | 01:25 PM IST | 2 mins read
कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से इस आपराधिक मामले की सीबीआई जांच की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नामित करने को भी कहा।
नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर की इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत के मामले की जांच अपने हाथों में ले ली है। अधिकारियों ने बुधवार (7 अगस्त) को यह जानकारी दी है।
दिल्ली में 27 जुलाई को भारी बारिश के बाद ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में स्थित ‘राऊ आईएएस स्टडी सर्किल’ की इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की डूबने से मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तान्या सोनी (25) और केरल के नेविन डेल्विन के रूप में की गई थी।
सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद दिल्ली पुलिस से मामले की जांच अपने हाथों में ले लिया है। उच्च न्यायालय (HC) ने अभ्यर्थियों की मौत पर पुलिस और दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और कहा था कि उसे समझ नहीं आ रहा कि अभ्यर्थी बेसमेंट से बाहर कैसे नहीं आ सके।
अदालत ने यह भी जानना चाहा था कि क्या ‘बेसमेंट’ के दरवाजे बंद थे या सीढ़ियां संकरी थीं। उच्च न्यायालय ने पूछा था, “आप किस पहलू से जांच कर रहे हैं? अभ्यर्थी कैसे डूबे? वे ‘बेसमेंट’ से बाहर क्यों नहीं आ पाए? ‘बेसमेंट’ में अचानक इतना ज्यादा पानी नहीं भरता।”
उच्च न्यायालय ने आगे कहा कि, बेसमेंट में पानी भरने में कम से कम दो-तीन मिनट का समय लगता है, यह एक मिनट में नहीं हो सकता। वे (अभ्यर्थी) बाहर क्यों नहीं आ पाए?” कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से इस आपराधिक मामले की सीबीआई जांच की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नामित करने को भी कहा था।
UPSC Coaching Deaths 2024: एससी ने केंद्र और दिल्ली सरकार को भेजा नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी को नोटिस भेजा है। एससी ने हाल ही में दिल्ली में कोचिंग सेटर हादसे को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं और कोचिंग सेंटर मौत का अड्डा बन गए हैं।
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