CJP Protests: कॉजपा नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका व सौरभ दास को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा किया गया

Santosh Kumar | October 11, 2026 | 01:54 PM IST | 2 mins read

कॉजपा ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान दोहराया। इस बीच, पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को यथावत रखा है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवान तैनात हैं।

कॉजपा ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान दोहराया। (इमेज-एक्स/सीजेपी)

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था लेकिन रविवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। कॉजपा की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक ''शांति भंग'' नहीं करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, कॉजपा नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए प्रतिभूति) और धारा 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत कार्रवाई की गई।

CJP Protest: कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दिया रिहाई का आदेश

दिल्ली पुलिस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली कैंट स्थित एसईएम अदालत में पेश किया गया।''

पोस्ट में कहा गया, ''एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50,000 रुपये का जमानत बांड भरवाया गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया।'' कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया।

यह कार्रवाई दिल्ली में सुरक्षा के अत्यधिक कड़े इंतजामों के बीच हुई, जहां प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित विपक्ष के कई नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया।

कॉजपा ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान दोहराया। इस बीच, पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को यथावत रखा है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवान तैनात हैं।

कॉजपा और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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