Badlapur School Case: यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी की मौत पर बोले संजय राउत, स्कूल प्रबंधन को बचा रही सरकार
Press Trust of India | September 24, 2024 | 05:52 PM IST | 2 mins read
यूबीटी नेता संजय राउत ने दावा किया, "स्कूल भाजपा से जुड़ा हुआ है और स्कूल प्रबंधन को बचाने के लिए अक्षय शिंदे की हत्या की कहानी गढ़ी गई है।"
महाराष्ट्र: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार (24 सितंबर) को बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की "मुठभेड़ में मौत" पर संदेह जताया और दावा किया कि राज्य सरकार स्कूल प्रबंधन को बचाने की कोशिश कर रही है। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि "मुठभेड़" संदिग्ध थी लेकिन ऐसे आरोपी के प्रति सहानुभूति दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, "लेकिन यह हत्या या मुठभेड़ मुख्य आरोपी (स्कूल प्रबंधन) का बचाव करने के लिए की गई थी। यह कैसे संभव है कि कोई व्यक्ति पुलिसकर्मी से हथियार छीनता है और उससे गोली चला देता है? यह एक बुनियादी सवाल है।"
'CM स्कूल प्रबंधन को बचाना चाहते हैं'
बता दें कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर शहर के एक स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे की सोमवार शाम एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनने और गोली चलाने के बाद पुलिस की जवाबी गोलीबारी में मौत हो गई।
राउत ने आरोप लगाया कि सरकार बदलापुर स्कूल प्रबंधन को बचाने की कोशिश कर रही है। राज्यसभा सदस्य राउत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्कूल प्रबंधन को बचाना चाहते थे और इसके लिए वे अहम साक्ष्यों को नष्ट करना चाहते थे।
राउत ने कहा- ये बड़ी साजिश है
संजय राउत ने दावा किया, "यह एक बड़ी साजिश है। जिन लोगों को बचाया जा रहा है, उन्हें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का संरक्षण मिला हुआ है।" उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न की घटना के समय का स्कूल का सीसीटीवी फुटेज गायब है।
राउत ने दावा किया, "स्कूल भाजपा से जुड़ा हुआ है और कल की कहानी (अक्षय शिंदे की हत्या) उन्हें बचाने के लिए बनाई गई।" इस बीच शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के, जो मुख्यमंत्री शिंदे नीत पार्टी के प्रवक्ता भी हैं, ने पुलिस की बहादुरी पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों की टिप्पणियों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी कानून प्रवर्तन अधिकारियों की वीरता और पेशेवराना कुशलता को कमतर करती है। म्हास्के और शिवसेना के अन्य नेता सहायक पुलिस निरीक्षक नीलेश मोरे का हालचाल लेने के लिए ठाणे के ज्यूपिटर अस्पताल गए। मोरे अक्षय शिंदे द्वारा पुलिस पर की गई गोलीबारी में घायल हो गए थे।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध