Anti-Paper Leak Bill: लोकसभा में आज पेश होगा एंटी-पेपर लीक बिल, 15 अवैध कृत्यों का जिक्र, जानें अहम प्रावधान
Santosh Kumar | July 27, 2026 | 07:44 AM IST | 2 mins read
संसद सदस्यों को वितरित की गई प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल की कैद और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
नई दिल्ली: दो साल पुराने प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन करने के उद्देश्य से एक विधेयक आज लोकसभा में पेश किया जायेगा। इस विधेयक में आरोपियों की त्वरित सुनवाई के लिए हर राज्य में त्वरित अदालतें स्थापित करने और सजा को और कड़ा करने का प्रस्ताव किया गया है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के अनुसार प्रश्नपत्र लीक मामलों की जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
संसद सदस्यों को वितरित की गई प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल की कैद और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
Anti Paper Leak Bill: विधेयक लोकसभा में आज के लिए सूचीबद्ध
संगठित अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम 7 वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए 3 से 5 साल तक की कैद का प्रावधान है।
जबकि संगठित रूप से धोखाधड़ी और प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के लिए 5 से 10 साल तक की कैद और कम से कम 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। यह विधेयक लोकसभा में आज के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
आमतौर पर किसी विधेयक को 1 ही दिन पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध नहीं किया जाता है। सरकार ने घोषणा की कि वह कानून लेकर आ रही है। कॉजपा के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के चलते सरकार ने यह फैसला लिया।
Anti Paper Leak Bill: विधेयक में 15 अवैध कृत्यों का उल्लेख
नीट मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले सप्ताह की कार्यवाही बाधित रही। नये विधेयक पर विपक्ष का रुख अभी स्पष्ट नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आम सहमति के आधार पर कदम उठाएंगे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद कॉजपा ने शनिवार को 36 दिनों से जारी प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस विधेयक में 15 अवैध कृत्यों का उल्लेख किया गया है।
इनमें प्रश्नपत्र लीक करना, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाना और फर्जी प्रवेश पत्र जारी करना शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जुलाई को इस संशोधन विधेयक को मंज़ूरी दी और इसे आज लोकसभा में पेश किया जाएगा।
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सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और नीट से जुड़ी आत्महत्याओं के मामलों में मुआवजा देने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
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