Climate Institute: अहमदाबाद यूनिवर्सिटी ने ग्लोबल साउथ पर फोकस के साथ क्लाइमेट इंस्टीट्यूट की शुरुआत की
Abhay Pratap Singh | October 9, 2024 | 09:56 AM IST | 2 mins read
क्लाइमेट इंस्टीट्यूट अंडरग्रेजुएट, ग्रेजुएट एंड पोस्टग्रेजुएट स्तर पर शैक्षिक कार्यक्रम के साथ ही एग्जिक्यूटिव एजुकेशन भी उपलब्ध कराएगा।
नई दिल्ली: अहमदाबाद यूनिवर्सिटी (Ahmedabad University) ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय गिरावट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ग्लोबल साउथ पर फोकस के साथ ही क्लाइमेट इंस्टीट्यूट लॉन्च किया है। क्लाइमेट इंस्टीट्यूट (Climate Institute) इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए अनुसंधान, शिक्षा और प्रभाव सहित तीन पहलुओं पर आधारित है।
संस्थान स्नातक, परास्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर शैक्षिक कार्यक्रम प्रदान करेगा। संस्थान एग्जिक्यूटिव एजुकेशन भी उपलब्ध कराएगा, जिसमें सरकार और उद्योग में मध्य-करियर पेशेवरों के लिए कार्यक्रम उपलब्ध होंगे। कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स के लिए सर्टिफिकेशन इन सस्टेनेबिलिटी और सरकारी कर्मचारियों के लिए क्लाइमेट एंज एनर्जी में विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे।
जलवायु संस्थान भारत का पहला व्यापक जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम विकसित कर रहा है, जो ग्लोबल क्लाइमेट मुद्दों से निपटने के लिए भविष्य के लीडर्स को तैयार करेगा। अनुसंधान के क्षेत्र में यह नए फैकल्टी, स्नातक छात्र और पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ताओं की भर्ती करके अपनी क्षमता का विस्तार कर रहा है।
संस्थान की स्थापना डॉ. बालाजी श्रीनिवासन और प्रोफेसर मीनल पाठक के नेतृत्व में की गई है। प्रारंभिक प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों का नेतृत्व शहरों एवं बस्तियों के लिए प्रोफेसर पाठक, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन के लिए प्रोफेसर अनंत सुदर्शन और वायु एवं जल के लिए प्रोफेसर आदित्य वैश्य कर रहे हैं।
Also read Ahmedabad University: अहमदाबाद विश्वविद्यालय ने एमटेक इन कंपोजिट प्रोग्राम किया शुरू
संस्थान का उद्देश्य सोशल अल्फा के साथ साझेदारी में जलवायु-तकनीक स्टार्टअप को बढ़ावा देकर प्रभाव डालना है। यह केन्द्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगा तथा आईपीसीसी और संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी योगदान देगा। वहीं, सलाहकार बोर्ड में शिक्षा और नीति निर्माण के विशेषज्ञ शामिल हैं।
The Institute operates across three verticals -
संस्थान तीन क्षेत्रों ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, शहर और बस्तियां तथा वायु और जल में कार्य करता है। जलवायु संस्थान वैश्विक अनुसंधान सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया के विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की मेजबानी करेगा।
Climate Institute of Ahmedabad University -
- एनर्जी एंड क्लाइमेट चेंज - ग्लोबल सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी (जीसीईई) की विशेषज्ञता के आधार पर, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन वर्टिकल जलवायु परिवर्तन शमन, ऊर्जा संक्रमण और नीति नवाचार पर केंद्रित है।
- सिटीज एंड सेटलमेंट्स - शहर और बस्तियां जलवायु परिवर्तन पर ग्लोबर साउथ पर ध्यान केंद्रित करते हुए शहरीकरण के रुझानों और जलवायु परिवर्तन के साथ उनके संबंधों की खोज करता है।
- एयर एंड वाटर - वायु और जल कार्यक्षेत्र विश्वविद्यालय की वायु एवं जलवायु रिसर्च लैब के काम को आगे बढ़ाता है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व
- Govt in Lok Sabha: केवीएस में 10,173 पद रिक्त; 2014 से भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का साल-वार विवरण जारी
- एसएमवीडीआईएमई में हिंदुओं के लिए आरक्षण और मुस्लिम छात्रों को स्थानांतरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
- IIM Indore Admission Guidelines 2026-28: आईआईएम इंदौर ने पीजीपी एडमिशन गाइडलाइंस जारी की, पात्रता मानदंड जानें
- IIT Bombay News: महाराष्ट्र सरकार आईआईटी बॉम्बे का नाम बदलने के लिए केंद्र को लिखेगी पत्र, सीएम ने दी जानकारी
- दिल्ली का भलस्वा स्लम: आधार कार्ड और गंदगी से गुम हुई शिक्षा
- Nobel Prize in Economics 2025: जोएल मोकिर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को मिलेगा अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
- भारत में 33 लाख से अधिक छात्र एकल-शिक्षक स्कूलों पर निर्भर, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक नामांकन
- Nobel Peace Prize 2025: वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिलेगा नोबेल शांति पुरस्कार, 10 दिसंबर को समारोह
- Nobel Prize in Chemistry 2025: सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन, उमर एम याघी को मिलेगा केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज