Agniveer 2 Year Extension: अग्निवीरों की सेवा अवधि 2 साल बढ़ेगी, 25 प्रतिशत सैनिक होंगे नियमित

Abhay Pratap Singh | November 4, 2026 | 04:06 PM IST | 2 mins read

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि, सेवा अवधि में विस्तार पाने वाले अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

अग्निपथ योजना 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी। (स्त्रोत-आधिकारिक वेबसाइट भारतीय सेना)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों (Agniveer) की सेवा अवधि 2 साल तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय कैबनेट के अनुसार, अग्निवीरों की सेवा 4 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दी गई है, जबकि केवल 25 प्रतिशत सैनिकों को नियमित किया जाएगा।

भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती के तहत पहले बैच के अग्निवीरों की चार वर्ष की सेवा जल्द ही समाप्त होने वाली है। ऐसे में दीवाली से पहले अग्निवीरों के लिए केंद्रीय कैबिनेट का यह बड़ा तोहफा है। अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया है कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेवा का अवसर मिलेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाई जाएगी। सेवा अवधि में विस्तार पाने वाले अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

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सीडीएस ने कहा कि, भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए डिफेंस फोर्स में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है। अपडेट योजना के तहत 75% अग्निवीरों को अतिरिक्त सेवा पूरी होने पर, चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया, अग्निपथ योजना 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी। उस समय कहा गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। अग्निवीरों का पहला बैच 4 साल का अपना कार्यकाल पूरा करने के करीब है। मूल्यांकन के आधार पर सकारात्मक फीडबैक मिला है।

मौजूदा व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही स्थायी कैडर में शामिल किया जाता था, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा निधि प्राप्त कर सेवा से मुक्त हो जाते थे। हालांकि, केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से अब अन्य अग्निवीरों को भी नियमित होने का मौका मिल सकेंगा।

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