Press Trust of India | September 28, 2026 | 03:07 PM IST | 2 mins read
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण औषधि निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

लखनऊ: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के फार्माविजन के 13वें राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रांतों से 779 फार्मेसी विद्यार्थियों तथा नेपाल के एक प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की। लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित हुए इस दो दिवसीय अधिवेशन का समापन रविवार को हुआ।
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और जनसुलभ जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में फार्मेसी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण औषधि निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
रविवार को जारी अभाविप के एक बयान के अनुसार, अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रांतों से 779 फार्मेसी विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 465 छात्र और 311 छात्राएं थीं। नेपाल के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी इसमें सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, आर्ब्रो फार्मास्युटिकल समूह के कर्णधार सौरभ अरोड़ा, विश्वविद्यालय के डीन डॉ. वी.के. सिंह, अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, फार्माविजन के राष्ट्रीय संयोजक अपूर्व नंदी, राष्ट्रीय सह-संयोजक कुमारी श्रेया वशिष्ठ और अवध प्रांत प्रमुख डॉ. आकाश वेद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि '2047 तक विकसित भारत' के निर्माण में फार्मेसी विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, कौशल, अनुसंधान और नवाचार को देश की आवश्यकताओं से जोड़ने तथा भारत को दुनिया का प्रमुख औषधि केंद्र बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
फार्माविजन के राष्ट्रीय संयोजक अपूर्व नंदी ने कहा कि फार्माविजन, फार्मेसी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे सोचने, जागरूक बनने तथा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला अखिल भारतीय मंच है।
अधिवेशन के दूसरे दिन मॉडल प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, फार्मा उद्यमिता, औषधि परामर्श, युवा संसद और फार्माथॉन सहित विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक और नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देवदत्त जोशी ने कहा कि युवाओं को अपने व्यक्तित्व के विकास के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में भी अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।